मुख्यमंत्री कृषि योजना क्या है?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि को उत्तराखंड के विकास का मुख्य आधार बताया है। मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना का उद्देश्य है — पहाड़ी क्षेत्रों के छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना, उनकी उत्पादकता बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।
यह योजना उत्तराखंड कृषि विभाग (Agriculture Department, Uttarakhand) द्वारा राज्य के सभी 13 जिलों में लागू की जाती है। विभाग के जिला कृषि अधिकारियों (DAO) की देखरेख में लाभार्थी किसानों का चयन किया जाता है।
यह धामी सरकार की अन्य कल्याणकारी नीतियों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो सीधे जमीनी स्तर पर किसानों को लाभ पहुँचाती है।
मुख्य आंकड़े एक नजर में
योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ
उत्तराखंड कृषि विभाग द्वारा इस योजना के तहत किसानों को निम्नलिखित सुविधाएं दी जाती हैं:
प्रगतिशील किसान पुरस्कार राशि
| पुरस्कार स्तर | उपाधि | पुरस्कार राशि |
|---|---|---|
| विकासखंड स्तर | किसान श्री | ₹10,000 |
| जनपद स्तर | किसान भूषण | ₹25,000 |
| राज्य स्तर | किसान रत्न | ₹50,000 |
2026-27 कृषि बजट — सभी योजनाओं की सूची
उत्तराखंड सरकार ने 2026-27 के बजट में कृषि, उद्यान और संबद्ध क्षेत्रों के लिए रिकॉर्ड आवंटन किया है। यह बजट राज्य के किसानों के लिए उज्ज्वल भविष्य का संकेत है:
| योजना का नाम | बजट आवंटन |
|---|---|
| मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना | ₹20 करोड़ |
| उद्यान बीमा योजना | ₹40 करोड़ |
| मिशन एप्पल | ₹42 करोड़ |
| कीवी और ड्रैगन फ्रूट प्रोत्साहन | ₹30.70 करोड़ |
| घेर-बाड़ योजना (राज्य + केंद्र) | ₹45 करोड़ |
| चाय विकास योजना | ₹25.93 करोड़ |
| महक क्रांति (सुगंध पौधा) | ₹10 करोड़ |
घेर-बाड़ योजना — जंगली जानवरों से फसल बचाव
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जंगली सुअर, बंदर और भालू किसानों की फसलें बर्बाद कर देते हैं, जिससे किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे थे। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए सरकार ने घेर-बाड़ योजना चलाई है।
मिलेट्स मिशन और जैविक खेती
उत्तराखंड सरकार ने मिलेट्स मिशन के अंतर्गत 214 क्रय केंद्रों के माध्यम से लगभग 53,000 कुंतल मंडुवा की खरीद की है। मशरूम उत्पादन बढ़कर 27,000 मीट्रिक टन हो गया है और राज्य देश में पाँचवें स्थान पर पहुँच गया है। शहद उत्पादन में उत्तराखंड ने 3,300 मीट्रिक टन के साथ देश में आठवाँ स्थान प्राप्त किया है।
जैविक खेती के तहत वर्मी कम्पोस्ट और जैव उर्वरकों पर विशेष अनुदान दिया जा रहा है। इससे किसानों की लागत कम हो रही है और उत्पाद को बाजार में प्रीमियम मूल्य मिल रहा है।
PM किसान सम्मान निधि — उत्तराखंड अपडेट
उत्तराखंड के 9 लाख से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22वीं किस्त जारी की है।
पात्रता — कौन उठा सकता है लाभ?
✅ पात्र किसान
- उत्तराखंड राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए
- किसान के पास खेती योग्य भूमि होनी चाहिए
- नाम राजस्व अभिलेखों (खतौनी) में दर्ज होना चाहिए
- संविदा या न्यूनतम 7 वर्ष के लीज पर खेती करने वाले भी पात्र
- SC/ST और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाती है
❌ अपात्र श्रेणियाँ
- वर्तमान या पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक
- केंद्र/राज्य सरकार के कार्यरत या सेवानिवृत्त अधिकारी
- इनकम टैक्स देने वाले परिवार
आवेदन कैसे करें? — पूरी प्रक्रिया
- अपने नजदीकी जिला कृषि अधिकारी (DAO) कार्यालय में जाएं या उत्तराखंड कृषि विभाग की वेबसाइट agriculture.uk.gov.in खोलें।
- आवेदन फॉर्म प्राप्त करें और सभी जानकारी सावधानी से भरें।
- जरूरी दस्तावेज संलग्न करें — आधार कार्ड, खतौनी, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण, पासपोर्ट फोटो।
- फॉर्म जमा करें और रसीद / Application ID संभालकर रखें।
- सत्यापन पूर्ण होने पर लाभ सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से बैंक खाते में आएगा।
