उत्तराखंड मुख्यमंत्री कृषि योजना 2026 | लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

Mandeep Singh Sajwan
उत्तराखंड सरकार ने राज्य के किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना शुरू की है। 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए ₹20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस लेख में जानें — पूरा लाभ, पात्रता और आवेदन की पूरी प्रक्रिया।

मुख्यमंत्री कृषि योजना क्या है?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि को उत्तराखंड के विकास का मुख्य आधार बताया है। मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना का उद्देश्य है — पहाड़ी क्षेत्रों के छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना, उनकी उत्पादकता बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।

यह योजना उत्तराखंड कृषि विभाग (Agriculture Department, Uttarakhand) द्वारा राज्य के सभी 13 जिलों में लागू की जाती है। विभाग के जिला कृषि अधिकारियों (DAO) की देखरेख में लाभार्थी किसानों का चयन किया जाता है।

यह धामी सरकार की अन्य कल्याणकारी नीतियों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो सीधे जमीनी स्तर पर किसानों को लाभ पहुँचाती है।

मुख्य आंकड़े एक नजर में

₹20 Cr
कृषि विकास योजना बजट 2026-27
44,429
घेर-बाड़ से लाभान्वित किसान
9 लाख+
PM किसान लाभार्थी (उत्तराखंड)
2,841
हेक्टेयर घेर-बाड़ (3 वर्षों में)
27,000 MT
मशरूम उत्पादन — देश में 5वाँ स्थान

योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ

उत्तराखंड कृषि विभाग द्वारा इस योजना के तहत किसानों को निम्नलिखित सुविधाएं दी जाती हैं:

🌱
निःशुल्क बीज और खाद
Farm School के लिए बीज, खाद और कृषि रसायन मुफ्त। साथ में 30 किसानों को एकसाथ प्रशिक्षण।
🎓
आधुनिक कृषि प्रशिक्षण
किसान मेले, प्रदर्शनी, गोष्ठियाँ और एक्सपोजर विजिट — नई तकनीकों से जोड़ना।
🏆
प्रगतिशील किसान पुरस्कार
विकासखंड से राज्य स्तर तक ₹10,000 से ₹50,000 तक के नकद पुरस्कार।
💰
50% सब्सिडी
सभी फसलों के बीज, वर्मी कम्पोस्ट और जल संरक्षण टैंकों पर 50% अनुदान।
🛡️
फसल बीमा
प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान की भरपाई। किसान को सिर्फ 1.5–2% प्रीमियम देना होता है।
🔬
जैविक खेती प्रोत्साहन
जैविक उत्पादों को बाजार से जोड़ना और वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थापना में सहायता।

प्रगतिशील किसान पुरस्कार राशि

पुरस्कार स्तरउपाधिपुरस्कार राशि
विकासखंड स्तरकिसान श्री₹10,000
जनपद स्तरकिसान भूषण₹25,000
राज्य स्तरकिसान रत्न₹50,000

2026-27 कृषि बजट — सभी योजनाओं की सूची

उत्तराखंड सरकार ने 2026-27 के बजट में कृषि, उद्यान और संबद्ध क्षेत्रों के लिए रिकॉर्ड आवंटन किया है। यह बजट राज्य के किसानों के लिए उज्ज्वल भविष्य का संकेत है:

योजना का नामबजट आवंटन
मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना₹20 करोड़
उद्यान बीमा योजना₹40 करोड़
मिशन एप्पल₹42 करोड़
कीवी और ड्रैगन फ्रूट प्रोत्साहन₹30.70 करोड़
घेर-बाड़ योजना (राज्य + केंद्र)₹45 करोड़
चाय विकास योजना₹25.93 करोड़
महक क्रांति (सुगंध पौधा)₹10 करोड़

घेर-बाड़ योजना — जंगली जानवरों से फसल बचाव

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जंगली सुअर, बंदर और भालू किसानों की फसलें बर्बाद कर देते हैं, जिससे किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे थे। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए सरकार ने घेर-बाड़ योजना चलाई है।

केंद्र से ₹25 करोड़ की अतिरिक्त मंजूरी मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों से केंद्र सरकार ने घेर-बाड़ योजना के लिए ₹25 करोड़ अलग से मंजूर किए हैं। पिछले तीन वर्षों में जिला योजना के माध्यम से 2,841 हेक्टेयर जमीन की घेर-बाड़ कराई जा चुकी है, जिससे 44,429 किसान सीधे लाभान्वित हुए हैं।

मिलेट्स मिशन और जैविक खेती

उत्तराखंड सरकार ने मिलेट्स मिशन के अंतर्गत 214 क्रय केंद्रों के माध्यम से लगभग 53,000 कुंतल मंडुवा की खरीद की है। मशरूम उत्पादन बढ़कर 27,000 मीट्रिक टन हो गया है और राज्य देश में पाँचवें स्थान पर पहुँच गया है। शहद उत्पादन में उत्तराखंड ने 3,300 मीट्रिक टन के साथ देश में आठवाँ स्थान प्राप्त किया है।

जैविक खेती के तहत वर्मी कम्पोस्ट और जैव उर्वरकों पर विशेष अनुदान दिया जा रहा है। इससे किसानों की लागत कम हो रही है और उत्पाद को बाजार में प्रीमियम मूल्य मिल रहा है।

PM किसान सम्मान निधि — उत्तराखंड अपडेट

उत्तराखंड के 9 लाख से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22वीं किस्त जारी की है।

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किसान क्रेडिट कार्ड की नई सीमा — ₹5 लाख केंद्र सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख रुपये कर दी है। इससे उत्तराखंड के किसान अधिक पूंजी लेकर उन्नत बीज, उपकरण और सिंचाई में निवेश कर सकेंगे।

पात्रता — कौन उठा सकता है लाभ?

✅ पात्र किसान

  • उत्तराखंड राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए
  • किसान के पास खेती योग्य भूमि होनी चाहिए
  • नाम राजस्व अभिलेखों (खतौनी) में दर्ज होना चाहिए
  • संविदा या न्यूनतम 7 वर्ष के लीज पर खेती करने वाले भी पात्र
  • SC/ST और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाती है

❌ अपात्र श्रेणियाँ

  • वर्तमान या पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक
  • केंद्र/राज्य सरकार के कार्यरत या सेवानिवृत्त अधिकारी
  • इनकम टैक्स देने वाले परिवार

आवेदन कैसे करें? — पूरी प्रक्रिया

  1. अपने नजदीकी जिला कृषि अधिकारी (DAO) कार्यालय में जाएं या उत्तराखंड कृषि विभाग की वेबसाइट agriculture.uk.gov.in खोलें।
  2. आवेदन फॉर्म प्राप्त करें और सभी जानकारी सावधानी से भरें।
  3. जरूरी दस्तावेज संलग्न करें — आधार कार्ड, खतौनी, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण, पासपोर्ट फोटो।
  4. फॉर्म जमा करें और रसीद / Application ID संभालकर रखें।
  5. सत्यापन पूर्ण होने पर लाभ सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से बैंक खाते में आएगा।
📞
किसान हेल्पलाइन नंबर किसी भी जानकारी के लिए किसान हेल्पलाइन: 1800-180-1551 (टोल फ्री) पर कॉल करें। यह नंबर सोमवार से शनिवार, सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध है।
📋 इस लेख के स्रोत और विश्वसनीयता
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सरकारी स्रोतउत्तराखंड कृषि विभाग, राज्य बजट 2026-27 और कृषि मंत्रालय के आधिकारिक आँकड़ों पर आधारित।
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स्थानीय जानकारीदेवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों की जमीनी स्थिति और किसानों की समस्याओं की प्रत्यक्ष जानकारी।
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अंतिम अपडेटमार्च 2026। योजनाओं में बदलाव होने पर यह लेख अपडेट किया जाएगा।
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लेखकMandeep Singh Sajwan — उत्तराखंड के स्थानीय पत्रकार, देवभूमि की संस्कृति और जनजीवन के जानकार।
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी उत्तराखंड कृषि विभाग और सरकारी बजट दस्तावेजों पर आधारित है। योजनाओं की शर्तें, राशि और प्रक्रिया में बदलाव संभव है। आवेदन करने से पहले संबंधित कृषि विभाग कार्यालय या agriculture.uk.gov.in से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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