नैनीताल, 27 मार्च 2026 | उत्तराखंड के नैनीताल जिले में शुक्रवार सुबह एक और सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। भवाली-ज्योलीकोट मार्ग पर खुपी क्षेत्र में हल्द्वानी से डीडीहाट (पिथौरागढ़) जा रही कुमाऊं मोटर ओनर्स यूनियन (KMOU) की बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में एक यात्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर सभी यात्रियों को बस से बाहर निकाला।
SDRF सब-इंस्पेक्टर मनीष भाकुनी ने घटनास्थल पर मौजूद मीडिया को बताया, “बस में कुल 14 यात्री सवार थे। बस हल्द्वानी से डीडीहाट के लिए रवाना हुई थी। खुपी के पास अचानक बस अनियंत्रित हुई और सड़क पर ही पलट गई। एक यात्री की मौके पर मौत हो गई। आठ घायलों को तुरंत भवाली और हल्द्वानी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।” पुलिस ने बताया कि बस का नंबर UK-04 PA-1112 था और यह सुबह करीब साढ़े सात बजे के आसपास हादसे का शिकार हुई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, SDRF, दमकल की टीमें और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। पलटी हुई बस के चारों ओर यात्रियों की चीख-पुकार मच गई थी। रेस्क्यू टीम ने करीब आधे घंटे के अंदर सभी यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों को प्राथमिक उपचार देकर नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। मृतक की पहचान अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं की गई है, लेकिन परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
यह हादसा पहाड़ी क्षेत्र की सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं की एक और कड़ी है। उत्तराखंड में खड़ी चढ़ाई, घुमावदार रास्ते और कभी-कभी तेज रफ्तार या यांत्रिक खराबी के कारण ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं। खुपी क्षेत्र भवाली रोड पर पहले भी छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन आज का यह हादसा काफी गंभीर साबित हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर बसों और निजी वाहनों की आवाजाही ज्यादा रहती है, खासकर सुबह के समय। कई यात्री परिवार के साथ या काम के सिलसिले में यात्रा कर रहे थे।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। अभी तक ब्रेक फेल या ड्राइवर की लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन केस दर्ज कर लिया गया है। नैनीताल पुलिस अधीक्षक ने कहा, “हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। ड्राइवर का मेडिकल टेस्ट भी कराया जाएगा। सड़क की स्थिति और बस की मेंटेनेंस रिपोर्ट भी मंगवाई जा रही है।” SDRF अधिकारियों ने बताया कि मौसम साफ था और दृश्यता अच्छी थी, फिर भी बस पलटने का कारण गति या सड़क की किसी खामी हो सकती है।
इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी राज्यों में सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तराखंड परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में नैनीताल समेत कुमाऊं मंडल में बस और ट्रक दुर्घटनाओं में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि घुमावदार सड़कों पर स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन, बसों की नियमित चेकिंग और ड्राइवरों को ट्रेनिंग देना जरूरी है।
घायल यात्रियों में से कुछ की पहचान स्थानीय लोगों के रूप में हुई है, जबकि कुछ पिथौरागढ़ और आसपास के इलाकों के रहने वाले थे। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि घायलों को फ्रैक्चर, चोटें और कुछ को आंतरिक चोटें आई हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। एक घायल यात्री के परिजन ने बताया, “भाई सुबह बस पकड़कर डीडीहाट जा रहा था। अचानक खबर आई कि बस पलट गई। हम घबराए हुए हैं। सरकार को इन सड़कों पर ध्यान देना चाहिए।”
यह घटना तब हुई है जब उत्तराखंड में चरधाम यात्रा की तैयारी चल रही है और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बढ़ने वाली है। पर्यटक और स्थानीय दोनों ही इस सड़क का इस्तेमाल करते हैं। विपक्षी दलों ने इस हादसे पर सरकार से सवाल पूछे हैं और बेहतर सड़क सुरक्षा उपायों की मांग की है।
नैनीताल जिला प्रशासन ने मृतक परिवार को तुरंत मुआवजा देने का ऐलान किया है। घायलों के इलाज का खर्च भी सरकार वहन करेगी। SDRF की टीम अभी भी घटनास्थल पर मौजूद है और बस को हटाने का काम चल रहा है। ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया गया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “नैनीताल में बस दुर्घटना अत्यंत दुखद है। मृतक के परिवार के प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी घायलों को बेहतरीन इलाज मुहैया कराया जाए।”
यह हादसा उत्तराखंड की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से बहस छेड़ने वाला है। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि पहाड़ी इलाकों में GPS ट्रैकिंग वाली बसें, स्पीड गवर्नर और बेहतर साइनेज लगाए जाएं। साथ ही ड्राइवरों की थकान और ओवरलोडिंग पर सख्त नजर रखी जाए।
स्थानीय पत्रकारों ने बताया कि खुपी क्षेत्र में सड़क किनारे सुरक्षा दीवार और बैरियर की जरूरत है। कई बार छोटी-छोटी गलतियां बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाती हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सड़क को तुरंत सुधारा जाए।

