उत्तराखंड में आज UCC दिवस, मुख्यमंत्री धामी बोले— पूरा हुआ ऐतिहासिक संकल्प

Mandeep Singh Sajwan

देहरादून: उत्तराखंड में आज 27 जनवरी को पूरे प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC दिवस मनाया जा रहा है। ठीक एक साल पहले इसी दिन राज्य में UCC को लागू किया गया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बना, जिसने समान नागरिक संहिता को ज़मीन पर उतारने का काम किया।

उत्तराखंड में आज UCC दिवस, मुख्यमंत्री धामी बोले— पूरा हुआ ऐतिहासिक संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने UCC दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में जिस समान नागरिक संहिता की कल्पना की गई थी, उत्तराखंड ने उसे सबसे पहले साकार किया है। यह फैसला किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की भावना से लिया गया है।


धामी सरकार का कहना है कि UCC लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण, तलाक, उत्तराधिकार और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ी है। सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन और सरल बनाया गया है, जिससे आम लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। सरकार के मुताबिक, बीते एक साल में लाखों लोग UCC के तहत पंजीकरण करा चुके हैं।


UCC दिवस के मौके पर प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के जरिए लोगों को समान नागरिक संहिता के उद्देश्यों और लाभों की जानकारी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का यह मॉडल आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए भी मार्गदर्शक साबित होगा।


सरकार का दावा है कि UCC से समाज में समानता, महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और कानूनी व्यवस्था में एकरूपता आई है। मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार आगे भी संविधान की भावना के अनुरूप फैसले लेती रहेगी और उत्तराखंड को सुशासन का आदर्श राज्य बनाने की दिशा में काम करती रहेगी।

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