उत्तराखंड हिंदी न्यूज कृषि डेस्क| 28 मार्च 2026
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम किसान सम्मान निधि योजना उत्तराखंड के छोटे और सीमांत किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना ₹6,000 की आय सहायता तीन समान किस्तों (₹2,000 प्रत्येक) में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। मार्च 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी, असम से 22वीं किस्त जारी की, जिसमें उत्तराखंड के लगभग 8.2 लाख से अधिक किसानों के खातों में कुल 16 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि पहुंची। यह आंकड़ा उत्तराखंड कृषि विभाग और पीएम किसान पोर्टल के नवीनतम डेटा पर आधारित है।
यह योजना फरवरी 2019 से लागू है और अब तक देशभर में 4.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि 11 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों को दी जा चुकी है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में जहां खेती मुख्य रूप से छोटे जोत पर निर्भर है, यह योजना किसानों की आर्थिक मजबूती और खेती-किसानी को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही है।
पीएम किसान सम्मान निधि क्या है? योजना की पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना केंद्र सरकार की केंद्रीय क्षेत्रक योजना है, जो 1 दिसंबर 2018 से प्रभावी है। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आय सहायता प्रदान कर उनकी आय दोगुनी करना है। योजना के तहत पात्र किसान परिवार को सालाना ₹6,000 मिलते हैं, जो हर चार महीने में ₹2,000 की किस्त के रूप में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजे जाते हैं।
उत्तराखंड में यह योजना कृषि विभाग और राजस्व परिषद के माध्यम से लागू की जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में जहां सिंचाई, मौसम और छोटी जोत चुनौती हैं, यह राशि बीज, खाद, उपकरण और परिवार की जरूरतों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध डेटा के अनुसार, राज्य में 8 लाख से अधिक किसान परिवार नियमित रूप से लाभ उठा रहे हैं।
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उत्तराखंड में पीएम किसान सम्मान निधि का वर्तमान स्टेटस (मार्च 2026)
22वीं किस्त (13 मार्च 2026) के बाद उत्तराखंड के लगभग 8.2 लाख किसानों को ₹2,000 प्रति परिवार मिल चुके हैं। कुल राशि लगभग ₹16.4 करोड़ है। इससे पहले 21वीं किस्त (नवंबर 2025) में भी राज्य के किसानों को लाभ मिला था।
योजना की सफलता का कारण है – eKYC अनिवार्यता, आधार-सीडेड बैंक खाते और डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स। उत्तराखंड में पर्वतीय जिलों (उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़) के किसान भी अब आसानी से लाभ ले रहे हैं।
पात्रता मानदंड – कौन ले सकता है लाभ?
योजना के अनुसार पात्र किसान परिवार वह है जिसमें पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल हों और उनके पास खेती योग्य भूमि हो। मुख्य शर्तें:
- पात्र ✅: सभी भूमि धारक किसान परिवार (2 हेक्टेयर तक की सीमा नहीं, अब सभी पात्र लेकिन कुछ अपवाद)।
- अपात्र श्रेणियां ❌: संस्थागत भूमि धारक, पूर्व/वर्तमान सांसद-विधायक-मंत्री, सरकारी कर्मचारी (क्लास-IV को छोड़कर), ₹10,000+ पेंशन भोगी, आयकर दाता, डॉक्टर-इंजीनियर-वकील जैसे पेशेवर।
उत्तराखंड में भूमि रिकॉर्ड (खाता-खेसरा) आधार पर पात्रता तय होती है। यदि कोई परिवार अपात्र पाया गया तो रिकवरी की जाती है।
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आवश्यक दस्तावेज और eKYC अनिवार्यता
- आधार कार्ड (eKYC के लिए अनिवार्य)
- बैंक खाता नंबर + IFSC कोड (आधार लिंक्ड)
- भूमि दस्तावेज (खाता-खेसरा, पट्टा, जमाबंदी)
- मोबाइल नंबर (OTP के लिए)
eKYC पूरा न करने पर किस्त रुक सकती है। OTP आधारित या CSC सेंटर पर बायोमेट्रिक eKYC कराएं।
उत्तराखंड में आवेदन कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
1. ऑनलाइन आवेदन: pmkisan.gov.in पर जाएं → Farmers Corner → New Farmer Registration।
2. आधार नंबर डालें, OTP वेरिफाई करें।
3. बैंक विवरण, भूमि जानकारी भरें।
4. CSC सेंटर या कृषि विभाग कार्यालय से भी मदद लें।
उत्तराखंड में राजस्व परिषद पोर्टल (bor.uk.gov.in) पर भी स्टेटस चेक कर सकते हैं।
स्टेटस चेक, Beneficiary List और समस्या समाधान
- Know Your Status: pmkisan.gov.in → Farmers Corner → Know Your Status → रजिस्ट्रेशन नंबर/आधार डालें → OTP।
- Village-wise Beneficiary List: राज्य, जिला, तहसील, ब्लॉक, गांव चुनकर रिपोर्ट जनरेट करें।
- मोबाइल ऐप: PM Kisan Mobile App डाउनलोड करें।
- समस्या: नाम गलत, बैंक डिटेल्स अपडेट न हो – Self Registration Update या CSC पर संपर्क करें।
योजना का उत्तराखंड पर प्रभाव और किसान अनुभव
उत्तराखंड के पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में किसान बताते हैं कि यह राशि खाद-बीज खरीदने में मददगार साबित हुई। महिलाओं को विशेष लाभ क्योंकि 2.15 करोड़ राष्ट्रीय स्तर पर महिला लाभार्थी हैं।
सामान्य सवाल (FAQs)
1. 22वीं किस्त कब मिलेगी? – 13 मार्च 2026 को जारी हो चुकी है।
2. eKYC कैसे करें?– पोर्टल पर OTP या CSC पर।
3. अपात्र होने पर क्या? – रिकवरी हो सकती है।
4. हेल्पलाइन? – 155261 या pmkisan.gov.in पर Helpline।
निष्कर्ष: किसानों का सम्मान, देश का विकास
पीएम किसान सम्मान निधि उत्तराखंड न केवल आर्थिक सहायता है बल्कि किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। eKYC पूरा करें, स्टेटस चेक करें और योजना का पूरा लाभ उठाएं।
स्रोत 🔗: pmkisan.gov.in, agriculture.uk.gov.in, PIB (मार्च 2026 अपडेट)
डिस्क्लेमर 🚨: यह जानकारी मार्च 2026 तक के आधिकारिक अपडेट पर आधारित है। नवीनतम स्टेटस के लिए pmkisan.gov.in विजिट करें।


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