Corona Vaccination In Uttarakhand: 309 केंद्रों पर आज होगा कोरोना टीकाकरण का पूर्वाभ्यास

कोरोना वैक्सीन का पूर्वाभ्यास
कोरोना वैक्सीन का पूर्वाभ्यास

 

सार

  • प्रत्येक केंद्र पर 25 हेल्थ वर्करों पर किया जाएगा टीके का अभ्यास
  • 15 जनवरी को 41 टीकाकरण केंद्र पर किया जाएगा ड्राई रन

विस्तार

कोरोना टीकाकरण के लिए उत्तराखंड में 12 जनवरी को 309 केंद्रों पर पूर्वाभ्यास किया जाएगा। प्रत्येक केंद्र में 25 हेल्थ वर्करों को टीके लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने पूर्वाभ्यास में 7725 हेल्थ वर्करों को टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा है। 15 जनवरी को 41 केंद्रों पर पूर्वाभ्यास किया जाएगा। जिनमें 16 फरवरी को टीकाकरण अभियान की शुरुआत की जाएगी। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने बताया कि कोरोना टीकाकरण के लिए पूरे प्रदेश में तैयारियां पूरी की गई हैं।


मंगलवार को 309 केंद्रों पर टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। इससे पहले आठ फरवरी को प्रदेश के 130 केंद्रों पर ड्राई रन किया गया था। उन्होंने बताया कि सभी टीकाकरण केंद्रों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।
16 जनवरी को टीकाकरण अभियान की शुरुआत से पहले प्रदेश के 41 केंद्रों पर ड्राई रन होगा। जिसमें रुद्रप्रयाग व बागेश्वर जिले में दो-दो केंद्र, देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल जिले में चार-चार केंद्र और शेष सात जिलों में तीन-तीन केंद्र शामिल है।

उन्होंने कहा कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इसमें किसी भी व्यक्ति को घबराने की जरूरत है। केंद्र सरकार ने दोनों वैक्सीनों को गहन परीक्षण के बाद ही मंजूरी दी है। सभी हेल्थ वर्करों का शत प्रतिशत डाटा कोविन पोर्टल पर अपलोड किया गया है।

टीकाकरण के लिए व्यवस्था करें चाक-चौबंद: त्रिवेंद्र

कोविड-19 से बचाव के लिए 16 जनवरी को देशव्यापी टीकाकरण अभियान के सफल आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अधिकारियों को टीकाकरण से संबंधित सारी तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बर्ड फ्लू के मामले में भी विशेष एहतियात बरतने और स्वास्थ्य, पशुपालन और वन विभाग को परस्पर समन्वय से काम करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को प्रधानमंत्री के साथ आयोजित हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक में भाग लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि टीकाकरण अभियान के पहले चरण में एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों तथा दो करोड़ फ्रंटलाइन कर्मियों को यह वैक्सीन दी जाएगी। केंद्र सरकार के स्तर पर वैक्सीन खरीद कर राज्यों को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद 50 वर्ष से ऊपर के लोगों को वैक्सीन उपलब्ध होगी। प्रधानमंत्री ने बर्ड फ्लू के दृष्टिगत भी सभी मुख्यमंत्रियों से इसके बचाव की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की अपेक्षा की।

 प्रधानमंत्री के साथ आयोजित हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य में की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए राज्य स्तर पर टास्क फोर्स गठित हो जाए। सभी जिलों में कोल्ड चेन सिस्टम विकसित हो। वैक्सीन भंडारण एवं वितरण के लिए पर्याप्त स्थान की उपलब्धता के साथ आवश्यक मानव संसाधनों की व्यवस्था समय से पूरी करा ली जाए। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों, नर्सिंग एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा है।

उन्होंने प्रदेश में बर्ड फ्लू के दृष्टिगत एहतियात बरतने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इसकी रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के लिए पशुपालन, वन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। इस अवसर पर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय भी उपस्थित थे।

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