Bird Flu: उत्तराखंड में बर्ड फ्लू की पुष्टि, रेड अलर्ट जारी, पोल्ट्री फार्मों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक

बर्ड फ्लू (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
बर्ड फ्लू (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

 

सार

  • देहरादून और कोटद्वार से भेजे गए सैंपल में हुई संक्रमण की पुष्टि
  • वन मुख्यालय और जिला मुख्यालयों के नोडल अधिकारी घोषित
  • वन मंत्री हरक सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक कर लिया फैसला

विस्तार

उत्तराखंड में सोमवार को बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। देहरादून और कोटद्वार क्षेत्र में मिले मृत पक्षियों के सैंपलों की जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जिसके बाद वन विभाग ने पूरे प्रदेश में रेड अलर्ट जारी कर दिया है।


लोगों से अपील की गई है कि कहीं भी पक्षी मृत मिलने पर न तो उसे छुएं और न ही उसे दफन करने या जलाने की कोशिश करें, बल्कि वन विभाग को इसकी जानकारी दें। वन विभाग की टीम ही मृत्त पक्षी का सैंपल लेगी और उसे जगह से हटाएगी। उत्तराखंड में अभी तक करीब 700 पक्षी मृत मिल चुके हैं। 


प्रमुख सचिव वन आनंद वर्द्धन ने प्रदेश में बर्ड फ्लू के मामले मिलने की पुष्टि की है। बताया कि पशु पालन विभाग इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी करेगा। वहीं, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) राजीव भरतरी ने बताया कि प्रदेश के स्तर पर अपर प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह तय कर दिया गया है कि कुमाऊं और गढ़वाल मंडल वन संरक्षकों की ओर से हर दिन शाम छह बजे तक नोडल अधिकारी को जानकारी दी जाएगी।



वनमंत्री हरक सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और शाम तक पूरे प्रदेश के सभी वन अधिकारियों को अलर्ट पर रहने का निर्देश जारी करने को कहा। प्रमुख वन संरक्षक की ओर से देर शाम तक आदेश जारी कर दिए गए थे।

जिला मुख्यालयों में बनेंगे नोडल अधिकारी, हेल्पलाइन नंबर जारी होंगे
वन मुख्यालय ने मंडल स्तर पर वन अधिकारियों से कहा है कि जिला मुख्यालय पर नोडल अधिकारी घोषित किए जाएं। इसके साथ ही हर जिले में हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए जाएंगे, जिससे लोगों को सूचना देने में आसानी होगी। वहीं, वन विभाग आपदा प्रबंधन का दूरभाष नंबर भी संचालित कर रहा है।

पोल्ट्री फार्मों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
उत्तराखंड में बर्ड फ्लू की दस्तक के साथ ही पशुपालन विभाग ने प्रदेश के सभी पोल्ट्री फार्मों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस संबंध में विभाग की ओर से सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं। पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू के लक्षण मिलने पर 30 दिनों तक मुर्गियों और अंडों की बिक्री नहीं की जाएगी।

पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ.सुनील अवस्थी का कहना है कि मृत कौवों के सैंपल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। लेकिन अभी तक प्रदेश में किसी भी पोल्ट्री फार्म पर बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं।

जिला स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीमें नियमित रूप से पोल्ट्री फार्म की निगरानी कर रही हैं और मुर्गियों की रैंडम सैपलिंग की जा रही है। बर्ड फ्लू संक्रमण की रोकथाम के लिए पोल्ट्री फार्म में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई है। बता दें कि प्रदेश में चार सौ से अधिक बड़े पोल्ट्री फार्म और लगभग 14 हजार छोटे पोल्ट्री फार्म चल रहे हैं।

वन विभाग की लोगों से अपील है कि मृत पक्षी को बिल्कुल न छुएं और वन विभाग को तत्काल जानकारी दें। सोशल मीडिया से लेकर अन्य माध्यमों के जरिये भी वन विभाग इस बात को लोगों तक पहुंचाएगा।
- हरक सिंह रावत, वन मंत्री उत्तराखंड

देहरादून में 123 कौवों और चार कबूतरों मौत

बर्ड फ्लू की आशंकाओं के बीच राजधानी दून के साथ जिले के विभिन्न इलाकों में पक्षियों के मरने का सिलसिला जारी है। वन विभाग और पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को जिले में 123 कौवों और चार कबूतरों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई। इनमें से 117 कौवों की मौत राजधानी के इलाकों में हुई। चार कबूतरों और छह कौवों की मौत ऋषिकेश में हुई। मृत पक्षियों को दफना दिया गया है। कुछ के नमूने जांच के लिए भोपाल प्रयोगशाला भेजे गए हैं। 

बता दें, बर्ड फ्लू बीमारी की आशंकाओं के बीच पिछले कई दिनों से कौवों की मौतों का सिलसिला जारी है। राजधानी समेत जिले के विभिन्न इलाकों में अब तक 500 से अधिक कौवों  की मौत हो चुकी है। पक्षियों की मौत पर वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारी भी पशोपेश में हैं। हालांकि बर्ड फ्लू की आशंका के मद्देनजर कुछ पक्षियों के नमूने जांच के लिए भोपाल प्रयोगशाला भेजे गए हैं। 

सोमवार को राजधानी के भंडारीबाग इलाके में 65 कौवे मरे पाए गए। जबकि अन्य रेलवे कॉलोनी, टीएचडीसी कॉलोनी समेत विभिन्न इलाकों में पाए गए हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसबी पांडे ने बताया कि कौवों के मरने वालों इलाकों में टीम भेजकर जांच कराई जा रही है। भोपाल स्थित प्रयोगशाला में नमूने भी भेजे गए हैं। हालांकि अभीतक रिपोर्ट नहीं आई है। 

रेस्क्यू टीम को मिली पीपीई किट
कौवों की मौत के बाद जांच में जुटे वन विभाग की रेस्क्यू टीम के कर्मचारियों के बचाव के लिए पीपीई किट मुहैया कराई गई हैं। प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे पुख्ता इंतजाम के साथ ही मृत पक्षियों की जांच पड़ताल के लिए जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

श्रीनगर और लैंसडौन में छह कबूतर मृत मिले

श्रीनगर तहसील परिसर में सोमवार को पांच कबूतर जबकि लैंसडौन में एक कबूतर मृत मिला। वहीं एक कौवे की भी मौत हो गई। बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पशुपालन विभाग को इनकी जांच के निर्देश दिए हैं। श्रीनगर में तहसील प्रशासन ने बिना परीक्षण के मुर्गे बेचने पर रोक लगा दी है और लोगों से मांस के सेवन में सतर्कता बरतने की अपील की है।

एसडीएम श्रीनगर रविंद्र बिष्ट ने बताया कि मांस विक्रेताओं को मुर्गा बेचने से पहले पशु चिकित्सक से उसकी जांच करवा के निर्देश दिए हैं। 

वहीं लैंसडौन के छावनी नगर में टिप्सी होटल के निकट एक कबूतर मृत मिला। जबकि जीजीआईसी के निकट घायल अवस्था में मिले कौवे की उपचार के दौरान मौत हो गई। पशु चिकित्साधिकारी डा. मंजूपाल ने बताया कि दोनों के सैंपल लेकर जांच के लिए हाई सिक्योरिटी एनीमल डिजीज डिजिटल लैब भोपाल भेजा जा रहा है। 

बिना परीक्षण जिले में मुर्गियां लाने पर रोक
बर्ड फ्लू को देखते हुए पौड़ी जिले में बिना परीक्षण के मुर्गियां लाने पर रोक लगा दी है। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि जिले में अभी तक बर्डफ्लू का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। बर्डफ्लू से सावधानियां बरतते हुए पशुपालन सहित अन्य विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश दे दिए गए हैं। कहा कि जिला एवं तहसील स्तर पर टीमों का गठन किया गया है। 

एम्स परिसर में छह और डोईवाला में मृत मिले दो कौवे 
सोमवार को एम्स ऋषिकेश में दूसरे दिन भी छह मृत कौवे और एक कबूतर मिला। वहीं शहर के अन्य स्थानों से भी कबूतर और कौवे मरने की सूचना है। वही, माधोवाला बुल्लावाला सुसवा नदी क्षेत्र में मरे हुए कौवे मिलने के बाद स्थानीय लोग सतर्क हो गए हैं। लोग मृत पक्षियों के पास जाने से परहेज कर रहे है। 

पिरान कलियर में मुर्गों में मिले बुखार के लक्षण

पिरान कलियर में लगातार मुर्गों की मौत को देखते हुए पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। इस दौरान कुछ मुर्गों में बुखार के लक्षण पाए गए हैं। इसके बाद विभाग ने राहत की सांस ली। डॉक्टरों ने मुर्गी पालकों को दवाएं उपलब्ध कराईं और अफवाहों पर ध्यान न देेने की सलाह दी। 

पिरान कलियर के एक मोहल्ले में अब तक 30 से अधिक मुर्गे और मुर्गियां अचानक मौत के शिकार हो चुके हैं। दो दिन पहले करीब आधा दर्जन मुर्गियां मृत मिली थीं। इसके बाद से रोजाना मुर्गों के मृत मिलने का सिलसिला जारी है। इन्हें या तो दबा दिया गया है या फेंक दिया गया है।

रविवार को फिर से तीन मुर्गियां मृत मिलीं तो बर्ड फ्लू की आशंका में दहशत फैल गई। सोमवार को पशु चिकित्सक डॉ. उमेश भट्ट के नेतृत्व में वार्ड आठ में एक टीम पहुंची और मुर्गी पालकों से जानकारी ली।

पशु चिकित्सक डॉ. उमेश भट्ट ने बताया कि प्रथमदृष्टया सर्दी लगने के कारण बुखार के लक्षण पाए गए हैं। बर्ड फ्लू जैसे कोई लक्षण नहीं मिले हैं। अगर आवश्यकता पड़ती है तो सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।

रुड़की में आ गई जांच किट, मंगलवार से शुरू होगी सैंपलिंग
रुड़की में बर्ड फ्लू के मद्देनजर पशु चिकित्सा विभाग बहादराबाद, रुड़की और नारसन क्षेत्र में पोल्ट्री फार्मों से सैंपल लेगा। इसके लिए जिला पशु चिकित्सा अधिकारी ने निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि स्टाफ को पीपीई किट समेत सभी जरूरी सामान उपलब्ध कराया है। मंगलवार से टीमें सैंपल लेने का काम शुरू कर देंगी। साथ ही बर्ड फ्लू के मद्देनजर स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया है। बर्ड फ्लू के मामलों को प्राथमिकता पर लिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश भारद्वाज ने बताया कि मंगलवार से टीमें बहादराबाद, रुड़की और नारसन ब्लॉक में सैंपलिंग शुरू करेंगी।

सैंपल किट और पीपीई किट समेत सभी जरूरी सामान स्टाफ को उपलब्ध करा दी गई है। हालांकि, अभी कुछ केमिकल हैं, जिनकी खरीद नहीं हो पाई है। जल्द ही इनकी भी खरीद कर ली जाएगी

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