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उत्तराखंड : आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने प्राकृतिक तत्वों से तैयार किया एंटी बैक्टीरियल धूपम केक



आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने प्राकृतिक तत्वों से एंटी बैक्टीरियल धूपम केक तैयार किया है। विवि का दावा है कि इसको एक बार जलाने पर 72 घंटे तक बैक्टीरिया नहीं पनपते हैं। यह वातावरण में मौजूद बैक्टीरिया को भी खत्म करता है। विवि ने इसे अत्यंत गुणकारी उत्पाद बताते हुए पेटेंट के लिए भेजा है।


धूपम केक को विश्वविद्यालय की औषधि निर्माणशाला में तैयार किया गया है। अब तक इसके नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं। प्राथमिक शोध में इस बात की पुष्टि हुई है कि एक बार किसी कमरे में इसे जलाया जाए तो अगले 72 घंटे तक वहां बैक्टीरिया पैदा नहीं होते हैं।


विवि के विशेषज्ञों ने कुणजा, थुनेर, जटामासी, गुग्गल, सफेद सरसों, रक्त चंदन, देवदार, राल व अन्य जड़ी बूटियों से इसका निर्माण किया है। इसका आकार दफ्तरों में पुराने समय में इस्तेमाल होने वाली मेज घंटी जैसा बनाया गया है।

स्कूली बच्चों को पिलाएंगे ओजस क्वाथ

इसके बीच में एक छेद है, जहां शुद्ध कपूर डालकर जलाया जाता है। इससे होने वाला धुआं पूरी तरह एंटी बैक्टीरियल होता है। खास बात ये है कि जब तक सांस में इस धुएं को बहुत अधिक न लिया जाए यह व्यक्ति को नुकसान नहीं करता।


आयुर्वेद विवि के कुलपति प्रो. सुनील जोशी ने बताया कि विशेषज्ञों ने लंबे अनुभव के बाद इसे तैयार किया है। आंतरिक प्रयोगशाला में इसके इस्तेमाल के प्रभावों का अध्ययन किया गया, जो बेहद सकारात्मक रहा है। 


आयुर्वेद विवि ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ओजस क्वाथ तैयार किया है। कुलपति प्रो. सुनील जोशी के अनुसार इसमें कई तरह की जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया गया है। विवि ने सरकार को प्रस्ताव दिया है कि जब भी स्कूल खुलें बच्चों को सुबह और शाम ओजस क्वाथ पिलाया जाए। विवि इसके लिए मुफ्त क्वाथ उपलब्ध कराने को भी तैयार है।

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