देवप्रयाग में बादल फटा, आईटीआई भवन ध्वस्त; मुख्य बाजार की दुकानें भी क्षतिग्रस्त | Devprayag Cloudburst News

Ankit Mamgain
देवप्रयाग में बादल फटा, आईटीआई भवन ध्वस्त; मुख्य बाजार की दुकानें भी क्षतिग्रस्त | Devprayag Cloudburst News

देवप्रयाग में बादल फटा

देवप्रयाग, उत्तराखंड: मंगलवार देर शाम देवप्रयाग के ऊपरी क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के बाद बादल फटने से भारी तबाही हुई है। बादल फटने के कारण शांता गदेरा (पहाड़ी नाला) उफान पर आ गया, जिससे कई भवनों को नुकसान पहुँचा है। इसी क्रम में, आईटीआई का भवन भी पूरी तरह ध्वस्त हो गया।

मुख्य बाजार और संगम बाजार प्रभावित

थाना प्रभारी देवप्रयाग महिपाल रावत ने बताया कि शाम करीब पाँच बजे दशरथ आंचल पर्वत पर बादल फटा, जिसके परिणामस्वरूप शांता गदेरा में भारी मात्रा में मलबा और पानी आ गया। इस मलबे से देवप्रयाग के मुख्य बाजार में स्थित दस दुकानों को भी नुकसान पहुँचा है। इसके अलावा, संगम बाजार का रास्ता भी बंद हो गया है। राहत की बात यह है कि घटना में किसी जनहानि की कोई सूचना नहीं है। कोरोना कर्फ्यू के कारण क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पहले से ही बंद थी। पुलिस और बचाव दल तत्काल घटनास्थल पर पहुँच गए हैं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।

पूर्व में भी बादल फटने की घटनाएँ

उत्तराखंड में बादल फटने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले, तीन मई को चमोली जिले के घाट ब्लॉक में बिनसर पहाड़ी की तलहटी में तीन अलग-अलग जगहों पर बादल फटने से घाट बाजार में भारी तबाही मची थी। उस घटना में 30 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे, जबकि 25 दुकानों में मलबा घुसने से लाखों का सामान नष्ट हो गया था।

इसके पश्चात, सात मई को नई टिहरी के जाखणीधार ब्लॉक के पिपोला (ढुंगमंदार) में भी बादल फटने से भारी नुकसान हुआ था। उस घटना में कई घरों में मलबा घुस गया था, और गाँव के लगभग 16 मकान खतरे की जद में आ गए थे।

ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी जारी

चमोली जनपद में इन दिनों दोपहर के बाद से लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है। मंगलवार को भी बदरीनाथ धाम की चोटियों और जिले के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि निचले इलाकों में बारिश हुई। गोपेश्वर में जल निकासी की सही व्यवस्था न होने के कारण बारिश का गंदा पानी सड़कों पर बहता दिख रहा है।

बारिश और बर्फबारी से जिले में मौसम ठंडा हो गया है। वहीं, आपदा प्रभावित घाट ब्लॉक के लोग बारिश होते ही सहम जाते हैं। गोपेश्वर के साथ-साथ जोशीमठ, पीपलकोटी, पोखरी, घाट, नंदप्रयाग, उर्गम और निजमूला घाटी में भी बारिश का दौर जारी है।

इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाएँ उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई हैं।

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