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उत्तराखंड मौसमः बदरी-केदार में बर्फबारी, मसूरी में हुई बारिश, बढ़ी ठंड

दोपहर बाद केदारनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई है, जबकि निचले इलाकों में बादलों की गर्जना के साथ बारिश हुई।

 

केदारनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी
केदारनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी


दोपहर बाद केदारनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई है, जबकि निचले इलाकों में बादलों की गर्जना के साथ बारिश हुई। उधर, चमोली जिले में शनिवार को मौसम बिगड़ा और बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब के साथ ही फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, चोपता, लाल माटी के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। 


कार्यदायी संस्था वुड स्टोन के टीम प्रभारी मनोज सेमवाल ने बताया कि शाम 4 बजे से तापमान माइनस में चला गया था। दिन में अधिकतम पारा 12 डिग्री सेल्सियस रहा। उधर, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, चंद्रशिला सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई।


इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित निचले इलाकों में शाम पांच बजे से बारिश हो रही है। चमोली में बारिश देर शाम तक भी जारी रही, जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ गई है। 

मसूरी में हुई बारिश, बढ़ी ठंड 


मसूरी में झमाझम बारिश होने से एक बार फिर ठंड बढ़ गई है। बारिश होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ठंड बढ़ने से लोगों के गर्म कपड़े एक बार फिर बाहर निकल आए। बारिश के साथ ही लोगों के रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हुआ है। बार बार मौसम में आ रहे बदलाव का असर लोगों के सेहत पर भी पड़ने लगा है। लोगों में जुकाम, बुखार की शिकायत भी बढ़ने लगी है। .जिससे कोरोना काल में लोगों में भी डर का माहौल बना है।


टिहरी झील के पास खड़ी छह बोट को आंधी-तूफान से नुकसान 

टिहरी झील में आए आंधी-तूफान से छह बोटों को नुकसान पहुंचा है। दो बोट के इंजन टूट गए हैं, जबकि चार अन्य बोटों की  बॉडी क्षतिग्रस्त हो गई है। बोट संचालकों ने शासन-प्रशासन से झील किनारे खड़ी बोटों की सुरक्षा के इंतजाम करने और क्षतिग्रस्त बोटों का मुआवजा देेने की मांग की है। 

कोरोना संक्रमणकाल में पर्यटकों की बेरुखी को देखते हुए बोट संचालकों ने झील में रविवार (आज) से संक्रमण की स्थिति ठीक होने तक  बोटिंग सेवा पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया है। श्री गंगा भागीरथी बोट यूनियन के अध्यक्ष लखवीर चौहान ने बताया कि शुक्रवार शाम छह बजे के लगभग टिहरी बांध की झील में जबरदस्त आंधी-तूफान आया। उस वक्त सभी बोट प्वाइंट पर खड़ी थी।

बताया कि छह बोटों का अधिक नुकसान पहुंचा है। आंधी-तूफान से बोट आपस में टकरा गई थी। बताया कि कुलदीप पंवार, नरेंद्र सिंह, जयपाल रावत, मनोज तिवारी, राजवीर सिंह की बोट को नुकसान पहुंचा है। इंजन और बाडी क्षतिग्रस्त होने से बोट संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान हो गया है।  उन्होंने बताया कि रविवार (आज) से कोरोना संक्रमण की स्थिति सामान्य होने तक झील में बोट संचालन पूरी तरह से बंद रहेगा। 

इधर, बोट यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार ने टाडा के एसीईओ को ज्ञापन सौंपकर बीते दिन आंधी-तूफान से कई बोट संचालकों को हुए नुकसान की जानकारी देते हुए मुआवजे और बोटिंग स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। कहा कि गत वर्ष भी मई और सितंबर में आंधी-तूफान से बोट को नुकसान पहुंचा था, लेकिन अभी तक सुरक्षा के उपाय टाडा ने नहीं किए हैं।

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