उत्तराखंड : देहरादून में रात्रि कर्फ्यू की शुरूआत शनिवार से, जिलाधिकारी ने जारी किया आदेश , क्या खुलेगा, क्या रहेगा बंद, पढ़ें

शनिवार से रात्रि कर्फ्यू की शुरूआत
शनिवार से रात्रि कर्फ्यू की शुरूआत 

 राजधानी दून में शनिवार से रात्रि कर्फ्यू की शुरूआत होगी। जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार सुबह इसके विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। रात को इसका अनुपालन भी शुरू हो गया। वहीं, कई सेवाओं और लोगों को रात्रि कर्फ्यू से छूट दी गई है। 



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राज्य मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को राजधानी दून में रात्रि कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया था। इसके बाद से ही लोग जिलाधिकारी के आदेश का इंतजार कर रहे थे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन-किन सेवाओं को इससे छूट मिली है। शनिवार सुबह जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने आदेश जारी किए।


उन्होंने बताया कि देहरादून नगर निगम और छावनी परिषद गढ़ी कैंट व क्लेमेंटटाउन में रात 10 से सुबह पांच बजे तक आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित (रात्रि कर्फ्यू) रहेगा। उन्होंने नगर निगम को प्रत्येक रविवार को सुबह 11 बजे तक शहर में वृहद सैनिटाइजेशन अभियान चलाने के निर्देश दिए। 


मंडी में सुबह पांच बजे से होगा कारोबार


जिला प्रशासन ने फल-सब्जी के वाहनों को रात्रि कर्फ्यू से छूट दी है। लेकिन, आढ़ती एसोसिएशन और मंडी समिति ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुबह पांच बजे से कारोबार का फैसला लिया है। निरंजनपुर मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र आनंद ने बताया कि रातभर पहले की तरह बाहर से आने वाले वाहनों की लोडिंग-अनलोडिंग का काम जारी रहेगा। आढ़ती और फुटकर व्यापारी अब सुबह पांच बजे बाद ही मंडी जाएंगे। अभी तक यह सभी लोग तड़के दो बजे से मंडी में कामकाज शुरू कर देते थे। 

रात्रि कर्फ्यू के दौरान इनको रहेगी छूट

-चिकित्सा, फल-सब्जी, दूध, पेट्रोल और गैस आपूर्ति से जुड़े वाहनों को।

-दवा की दुकानों और पेट्रोल पंप को।

-हवाई जहाज, ट्रेन और बस से यात्रा करने वालों को।

-सार्वजनिक हित के निर्माण कार्यों और उसमें काम करने वाले मजदूरों को।

-औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कार्मिकों को आई कार्ड दिखाने पर।

-नगर क्षेत्र के बाहर से प्रवेश कर किसी दूसरे जिले या राज्य में अपने वाहन से जाने वालों को।

-विवाह में शामिल होने वालों को शादी का कार्ड दिखाने पर।


72 घंटे पहले की निगेटिव रिपोर्ट जरूरी


जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ आवासीय शिक्षण व प्रशिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं, प्रशिक्षुओं को बुलाया जा रहा है। उन्होंने सभी शोध संस्थानों, मुख्यालयों और आवासीय विद्यालयों को निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट के बिना प्रवेश न देने की अपील की है।


शनिवार को जारी आदेश में उन्होंने कहा कि कई जगह पहुंचने के बाद टेस्ट कराया जा रहा है। तब तक संबंधित व्यक्ति कई जगह लोगों से घुलमिल जाता है। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बिना रिपोर्ट के प्रवेश न देने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड के तीन जिलों में स्कूल बंद, राजधानी दून में रात्रि कर्फ्यू

प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश मंत्रिमंडल ने देहरादून शहर में रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक रात्रि कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है।


कैबिनेट ने देहरादून में कालसी और चकराता को छोड़कर, पूरे हरिद्वार जिले, नैनीताल नगरपालिका और हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में कक्षा एक से 11वीं तक के सभी स्कूलों को 30 अप्रैल तक बंद करने का फैसला किया है।


10वीं व 12वीं के लिए यह फैसला लागू नहीं होगा। मंत्रिमंडल ने त्रिवेंद्र सरकार के गैरसैंण को मंडल बनाने का फैसला भी स्थगित कर दिया है।


शुक्रवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 20 प्रस्ताव थे। दो प्रस्तावों पर कैबिनेट ने अपने स्तर पर निर्णय लिया। एक प्रस्ताव स्थगित हुआ। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री कैबिनेट में नहीं थे। शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी दी।

छूट और पाबंदी से जुड़े सवालों को लेकर परेशान थे दूनवासी

कैबिनेट के नाइट कर्फ्यू का फैसला लेने के बाद दूनवासी छूट और पाबंदी से जुड़े सवालों को लेकर परेशान थे। खास तौर से आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन और देर रात सफर करने वाले यात्री वाहनों को लेकर पशोपेश में थे। इसके अलावा अभी देर रात तक खुलने वाले होटल-रेस्त्रां, शराब की दुकानों, शादियों व अन्य आयोजनों की स्थिति स्पष्ट नहीं थी।


नाइट शिफ्ट में ड्यूटी कर लौटने वालों को राहत देने की क्या व्यवस्था होगी, यह भी तय नहीं था। देर रात बाहर से आने वालों को लेकर क्या आदेश जारी किया जाएगा। इसको लेकर भी लोगों में संदेह था।


पुुलिस ने कई जगह की सख्ती


शुक्रवार को कैबिनेट में फैसला होने के बाद कई जगह पुलिस ने रात को ही सख्ती शुरू कर दी। कई जगह पुलिस ने 10 बजे से पहले ही रेस्त्रां और खाने-पीने के ठेलों को बंद करना शुरू कर दिया।


कई जगह दुकानों को बंद करने को भी कहा गया। हालांकि शहर में ज्यादातर दुकानें सामान्य तौर पर रात 10 बजे से पहले ही बंद हो जाती हैं। केवल कुछ दुकानें ही देर रात तक खुलती हैं। 

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