कुंभ में स्वयंसेवी बनेंगे पुलिस प्रशासन के मददगार

सीसीआर टावर में स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बैठक करते कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत
सीसीआर टावर में स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बैठक करते कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत

 

इस बार कुंभ को सफल बनाने के लिए शहर की स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी और स्वयंसेवक पुलिस और प्रशासन के मददगार बनेंगे। स्वयंसेवक बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना, प्लास्टिक, साफ सफाई, यातायात आदि के प्रति जागरूक करेंगे। वहीं धूम्रपान निषेध और घायल पशुओं की देखरेख जैसे सेवार्थ कार्यों में भी इन संस्थाओं की अहम भूमिका रहेगी।
बृहस्पतिवार को मेला सभागार में मेला अधिकारी दीपक रावत ने स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ बैठक की। बैठक में मेलाधिकारी ने स्वयंसेवी संस्थाओं से कुंभ के दौरान विभिन्न सामाजिक कार्यों में उनके सहयोग की बात कही। इस दौरान बैठक में महामना सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि उनके विद्यालय के छात्र यात्रियों को कोविड-19 और प्लास्टिक के इस्तेमाल न करने के लिए जागरूक करेंगे। फर्स्ट एड फैसिलिटी संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि वे यात्रियों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराएंगे। फिजिकल फाउंडेशन और गंगा सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी ओर से हम शहर में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। स्वामी विवेकानंद संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि उनका 20 लोगों का समूह पेयजल व्यवस्था और पुलिस का सहयोग करेगा। रंगमंच संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी 50 लोगों की टीम प्लास्टिक की जगह मिट्टी के बर्तनों और आयुर्वेद का भी प्रचार करेगी। सेवाश्रम से जुड़े स्वयंसेवी संस्था एवं शुभकामना हास्पिटलिटी सर्विसेज ने बताया कि उनकी टीम ट्रैफिक पुलिस का यातायात नियंत्रण में मदद करेगी। हरियाणा सामाजिक संगठन ने बताया कि बहादराबाद इलाके से जो गाड़ियां आएंगी, उन्हें सही पार्किंग आदि की व्यवस्था करने में सहयोग करेंगे। ब्राह्मण जागृति संस्था ने बताया कि वे पेयजल व मार्ग बताने में मेला प्रशासन का सहयोग करेंगे। भारत स्काउट्स गाइड ने साफ सफाई अभियान चलाने की बात कही। बीइंग भगीरथ के संयोजक शिखर पालिवाल ने स्वयंसेवी गंगा में विसर्जित कपड़े व फूलों के निस्तारण का काम करेगी। कमला जोशी और जन जागृति विकास समिति ने बताया कि उनकी संस्थाएं महिला कल्याण के क्षेत्र में कार्य करेंगी। इस अवसर पर अपर मेला अधिकारी श्री ललित नारायण मिश्र, हरवीर सिंह, रामजी शरण, उप मेला अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, दयानन्द सरस्वती आदि सरस्वती आदि शामिल रहे।