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उत्तराखंड: टिहरी में तीन जगह बादल फटने से मची तबाही, कई संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त, फसलों को भारी नुकसान

टिहरी में बादल फटा
टिहरी में बादल फटा 

 उत्तराखंड के नई टिहरी में जाखणीधार ब्लॉक के ढुंगमंदार पट्टी के ग्राम पिपोला (ढुंग) में तीन अलग-अलग जगहों पर बादल फट गया। बादल फटने से नालों का पानी उफान पर आ गया और खेत व फसलों को भारी नुकसान हुआ। वहीं, कई संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 



जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर शाम अनगढ़ नामे तोक, डांग नामे तोक और कैलानामे तोक में मूसलाधार बारिश के बाद बादल फट गया। पिपोला की प्रधान शोभा बडोनी ने बताया कि बारिश का पानी खेतों में घुस गया है। जिसे गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। गदेरे में अत्याधिक पानी और मलबा आने से दो पैदल पुलिया और गांव का संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है।


विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण अन्य नुकसान का पता नहीं लग पा रहा है। जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने बताया सेंदुल रजाखेत प्रताप नगर मोटर मार्ग पर सुनहरीगाड़ से लौट रहा एक मिनी ट्रक पिपोला के पास मलबे की चपेट में आ गया है। ट्रक में सवार वाहन चालक और दो अन्य मजदूर सुरक्षित बच निकले हैं


दो दिन पहले चमोली के घाट में तीन जगह फटा था बादल

बता दें कि चार मई को चमोली जिले के घाट ब्लाक में भी तीन जगह बादल फटा था। इस दौरान तीन लोग अपने घरों में फंस गए थे। जबकि कई मकान, दुकानें और वाहन मलबे में दब गए थे। सूचना पर एसडीआरएफ, पुलिस टीम और तहसील की आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद तीनों लोगों को सुरक्षित निकाला था।

पहाड़ से लेकर मैदान तक हुई बारिश 

पश्चिमी विक्षोभ के दबाव और थंडर स्टार्म की सक्रियता के चलते राजधानी दून समेत पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम के बदले मिजाज के चलते गुरुवार देर शाम से राजधानी दून व आसपास के इलाकों के साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं के कई क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई। वहीं मौसम विज्ञानियों ने संभावना जताई है कि अगले 24 घंटे राजधानी दून के साथ ही पर्वतीय इलाकों में बिजली चमकने के साथ ही बारिश की पूरी संभावना है।


बारिश में भीगे तो बिस्तर पकड़ना तय

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि बेमौसम बारिश बीमारियों को दावत देने वाली है। दून अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व वरिष्ठ फिजीशियन डॉ केसी पंत के मुताबिक बेमौसम की बारिश में यदि कोई भीग गया तो उसका बिस्तर पकड़ना तय है। बेमौसम बारिश के चलते तापमान में अत्यधिक गिरावट और फिर अचानक गर्मी बढ़ने के साथ ही तापमान में बढ़ोतरी सेहत के लिहाज से कतई ठीक नहीं है तापमान में कमी और बढ़ोतरी के चलते वायरल बुखार, सर्दी, जुखाम जैसी बीमारियों का खतरा है। लिहाजा थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है।

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