उत्तराखंड: यूटीईटी का रिजल्ट जारी, प्रथम में 25 और द्वितीय में 18 फीसदी ने पास की परीक्षा

- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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 उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर की ओर से अध्यापक पात्रता परीक्षा प्रथम एवं द्वितीय का परिणाम घोषित कर दिया गया है। यूटीईटी प्रथम में 25 और द्वितीय में 18 फीसदी परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों के अंकपत्र डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे। 



शिक्षा सचिव ने कहा कि 24 मार्च को राज्यभर के 29 शहरों के 177 परीक्षा केंद्रों में अध्यापक पात्रता परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसमें यूटीईटी प्रथम में 39309 और द्वितीय में 39180 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था। इसमें प्रथम में 10166 और द्वितीय में 7230 परीक्षार्थी पास हुए हैं। शिक्षा सचिव ने बताया है कि परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी परिषद की वेबसाइट में जाकर परीक्षाफल डाउनलोड कर सकते हैं।



परीक्षा पास करना शिक्षक बनने के लिए है अनिवार्य

प्रदेश के बेसिक स्कूलों में सहायक अध्यापक बनने के लिए यूटीईटी प्रथम और सहायक अध्यापक (एलटी) बनने के लिए यूटीईटी द्वितीय परीक्षा का पास करना अनिवार्य है। शिक्षक बनने का सपना संजोए युवा हर साल बड़ी संख्या में इस परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं।


एलटी भर्ती परीक्षा स्थगित

उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने एलटी भर्ती परीक्षा स्थगित कर दी है। अब हालात सामान्य होने के बाद दोबारा परीक्षा की तिथि जारी की जाएगी।


उत्तराखंड बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए कई छात्र

उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं के कई छात्र-छात्राएं मार्च व अप्रैल के शुरुआती सप्ताह में हुईं प्रयोगात्मक परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पाए। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों से इस तरह के छात्र-छात्राओं की सूची मांगी गई है।


उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं चार मई से प्रस्तावित थीं। जबकि इससे पहले मार्च और अप्रैल के शुरूआती सप्ताह में छात्र-छात्राओं की विभिन्न विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं थीं, लेकिन कई छात्र-छात्राएं इस बार कोविड-19 की वजह से प्रयोगात्मक परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पाए। 


उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की सचिव डॉ.नीता तिवारी की ओर से समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियोें को पत्र लिखकर कहा गया है कि इस तरह के छात्र-छात्राओं की जानकारी उपलब्ध कराएं। ताकि उनकी प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए फिर से कोई तिथि तय की जा सके।

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