उत्तराखंड मौसम: पौड़ी में बादल फटने से नुकसान, रुड़की में अंधड़ से मकान की छत गिरी, दो बच्चियां गंभीर घायल 

बैंग्वाड़ी गांव में रविवार तड़के बादल फटा
बैंग्वाड़ी गांव में रविवार तड़के बादल फटा

 राजधानी देहरादून सहित उत्तराखंड के कई इलाकों में शनिवार देर रात व रविवार तड़के भारी बारिश हुई। इसी क्रम में बादलों ने राज्य के पौड़ी जिले में कहर बरपाया। यहां श्रीनगर रोड पर बैंग्वाड़ी गांव में रविवार तड़के बादल फट गया। बादल फटने की घटना से पौड़ी-श्रीनगर रोड पर यातायात भी पूरी तरह बाधित हो गया है।

जानकारी के मुताबिक तड़के करीब साढ़े तीन बजे यह घटना हुई। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। दो दुपहिया वाहन लापता हैं। वहीं एक गोशाला में फंसे तीन जानवरों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।


सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम राहत-बचाव कार्य में लगी हुई है। क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक के सुबह 7:30 बजे तक घटनास्थल पर न पहुंचने पर ग्रामीणों ने कड़ा आक्रोश जताया है। कहा कि राजस्व उपनिरीक्षक इससे पहले भी कई मौकों पर गैर-जिम्मेदारी दिखा चुके हैं। प्रधान ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।

रुड़की में अंधड़ से मकान की छत गिरी, दो बच्चियां गंभीर घायल 

मंगलौर क्षेत्र में शनिवार देर रात मौसम ने जमकर कहर बरपाया। अंधड़ और बारिश के चलते कस्बे में एक मकान जमींदोज हो गया। मलबे में दबने से दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। मकान गिरने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, अकबरपुर ढाढेकी में छप्पर के ऊपर पेड़ गिरने के कारण एक गाय और एक भैंस की मौत हो गई। आंधी इतनी तेज थी कि क्षेत्र में सैकड़ों पेड़ जमीन से ही उखड़ गए। हाईवे और संपर्क मार्गों पर पेड़ गिरने से रविवार को घंटों यातायात भी बाधित रहा।


शनिवार रात कस्बे के मोहल्ला मलानपुरा में शमशाद का परिवार घर में सोया था। इसी दौरान रात करीब एक बजे आए अंधड़ के चलते घर की छत गिर गई। इस दौरान शमशाद की दो बेटियां अनमता और जैनब मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दोनों बच्चियों को बाहर निकाला। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, मकान की छत गिरने के कारण घर में रखा काफी सामान क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे लाखों के नुकसान की आशंका है। दूसरी ओर, अकबरपुर ढाढेकी गांव में गय्यूर के छप्पर पर पेड़ टूटकर गिर गया।


इससे अंदर बंधी एक गाय और एक भैंस की दबकर मौत हो गई है। इसके अलावा आसपास रखा सामान भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, आंधी के चलते मंगलौर और आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों पेड़ टूटकर हाईवे व संपर्क मार्गों पर गिर गए। इससे रविवार सुबह घंटों यातायात बाधित रहा। राहगीरों ने सड़कों से पेड़ों को उठाकर किनारे किया, तब जाकर यातायात सुचारु हुआ। आंधी के चलते क्षेत्र में भारी नुकसान की आशंका है। पीड़ितों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।


आंधी तूफान से आम की फसल को भारी नुकसान

आंधी-तूफान के कारण आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बागवान रविवार को दिनभर आम की गिरी फसल उठाने में लगे रहे। क्षेत्र के बागों में आम की फसल तैयार होने वाली थी। दो सप्ताह बाद बागवान आम तोड़ने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन शनिवार देर रात को आई आंधी से अधिकतर फसल टूटकर नीचे गिर गई। वहीं, क्षेत्र के सभी आम के बागों में 1-2 पेड़ टूटे हैं, जिससे भी बाग स्वामियों को नुकसान उठाना पड़ा है। आम व्यापारी बंदरटोल निवासी इस्लाम अंसारी ने बताया कि आंधी के कारण आम की फसल टूटकर नीचे गिर गई है। आम व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। सरकार को मुआवजा देना चाहिए। 


आठ घंटे बाधित रही मंगलौर की बिजली आपूर्ति

अंधड़ के कारण कई जगह पेड़ टूटकर बिजली की लाइनों पर गिर गए, जिससे देर रात करीब एक बजे कस्बे की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। वहीं, कुछ बिजली के खंभे भी टूटकर धराशायी हो गए। विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने लाइनों को दुरुस्त कर रविवार सुबह करीब नौ बजे विद्युत आपूर्ति सुचारु की गई। विद्युत आपूर्ति बाधित होने से कस्बे के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी में अधिकतर लोगों के इन्वर्टर भी फेल हो गए। इसके बाद लोगों को गर्मी में ही रात गुजारनी पड़ी। वहीं, रविवार सुबह को लोगों को पानी भरने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। अवर अभियंता सौरव सिंह भाटी ने बताया कि बिजली लाइनों पर पेड़ टूट कर गिर गए थे। कुछ बिजली पोल भी जमींदोज हो गए थे, जिस कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। विभागीय कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद रविवार सुबह आपूर्ति बहाल की। 

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