उत्तराखंड में कॉलेज पूरी तरह खुले,छात्रों की कम संख्या लेकिन उत्साह में कमी नहीं

उत्तराखंड में करीब एक साल बाद कॉलेज पूरी तरह दोबारा खुल गए हैं। छात्रों की कम संख्या के बावजूद भी छात्रों में कॉलेज खुलने को लेकर काफी उत्साह है। . .

उत्तराखंड में कॉलेज पूरी तरह खुले,छात्रों की कम संख्या लेकिन उत्साह में कमी नहीं

उत्तराखंड में करीब एक साल बाद कॉलेज पूरी तरह दोबारा खुल गए हैं। छात्रों की कम संख्या के बावजूद भी छात्रों में कॉलेज खुलने को लेकर काफी उत्साह है।  काॅलेज आने के लिए अभिभावकों की सहमति अनिवार्य है। सोमवार को पहले दिन छात्रों की भीड़ कम रही लेकिन छात्रों में उत्साह देखने को मिला। 

कॉलेज आने के लिए छात्रों के लिए मास्क को अनिवार्य किया गया है। अध्यापक व छात्रों की सुरक्षा के लिए काॅलेज परिसर को ठीक ढंग से सैनिटाइज किया गया है। छात्रों को सख्त से सख्त हिदायत दी गई है कि वह सोशल डिस्टेंस का पालन करने के साथ ही सीटिंग प्लान का भी अनिवार्य तौर से पालन करें। 

प्रदेशभर के के डिग्री कॉलेजों और विवि में एक मार्च से नियमित रूप से कक्षाएं शुरू हो गई हैं। अभी तक कोरोना महामारी के कारण पहले एवं अंतिम सेमेस्टर के छात्र ही प्रेक्टिकल के लिए कॉलेज आ रहे थे। अब सरकार ने सभी कक्षाएं ऑफलाइन संचालित करने का निर्णय ले लिया है। 


कोविड के कारण बंद उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने के क्रम में सरकार ने गत 15 दिसंबर से कॉलेजों में आंशिक रूप से छात्रों का प्रवेश बहाल किया था। लेकिन, अब उच्च शिक्षा विभाग ने सभी डिग्री कॉलेजों में नियमित पढ़ाई को हरी झंडी देने के बाद कॉलेज खुल गए हैं। 


यह आदेश सरकारी और निजी विवि पर एक समान ही लागू होगा। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आनंदवर्द्धन ने बताया, कोविड के हालात अब सामान्य हो चुके हैं। इसलिए, सभी कॉलेजों को नियमित पढ़ाई शुरू करने को कहा गया।


बता दें कि उत्तराखंड में पिछले नौ महीने से कोविड-19 के कारण बंद कॉलेज 15 दिसंबर से खुल गए थे। हालांकि, अधिकांश संस्थानों में पहले दिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बहुत कम रही। सरकार ने हाल ही में स्नातक और परास्नातक के प्रथम और अंतिम सेमेस्टर के प्रायोगिक विषयों वाली कक्षाओं को कोविड दिशानिर्देशों के साथ खोलने का फैसला किया था।


 विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रबंधन ने कक्षाओं को सेनेटाइज करवाकर पूरी तैयारी की थी लेकिन अधिकांश संस्थानों में छात्रों की उपस्थिति बहुत कम रही। इस बीच, प्रदेश के सबसे बड़े कॉलेज डीएवी पीजी कॉलेज में काफी संख्या में छात्र पहुंचे।


वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा कि कॉलेज में कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा। छात्रों व अध्यापकों के लिए मास्क अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के सभी कॉलेजों व विश्वविद्यालयों को कोविड गाइडलाइन जारी कर दी गई है। साथ, कॉलेज व विश्वविद्यालय प्रबंधन को सख्त से सख्त हिदायत दी गई है है कि कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन करवाएं। 


वहीं, छात्रों का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई से उन्हें समझने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उनका कहना है कि ऑफलाइन पढ़ाई से  विषय को समझने में आसानी होगी।


छात्रों को कॉलेज में प्रवेश देने से पहले कॉलेज गेट में सभी छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। साथ ही छात्रों को सख्त से सख्त हिदायत भी दी गई कि वह कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें। कॉलेज पहुंचने के बाद छात्रों में उत्साह दिखाई दिया।


 उनका कहना था कि पढ़ाई के दौरान किसी भी समस्या होने पर वह टीचर से सीधेतौर से बात कर संदेह को दूर कर पाएंगे। बता दें कि पैरामेडिकल-नर्सिंग कॉलेजों में भी एक मार्च से पढ़ाई शुरू हो गई है। सरकार से आदेश के बाद एचएनबी चिकित्सा विवि ने सभी कॉलेजों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। 


कुलपति प्रो. हेमचंद्रा बोले, छात्रों को आरटीपीसीआर जांच कराना जरूरी नहीं है। मास्क-सेनेटाइजेशन और सोशल डिस्टेंस अनिवार्य है।


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