उत्तराखंड: उच्च संक्रमण वाले राज्यों से आने वालों को साथ लानी होगी कोविड निगेटिव रिपोर्ट, सीएम ने दिए निर्देश

कोरोना वायरस की जांच
कोरोना वायरस की जांच

 मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि उच्च संक्रमण वाले राज्यों व शहरों के लोगों को उत्तराखंड में आने के लिए कोविड जांच की निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी। प्रदेश सरकार ऐसे राज्यों व शहरों को चिह्नित कर रही है। 



उन्होंने कहा कि कई राज्यों में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। राज्य सरकार महाराष्ट्र, गुजरात व इंदौर समेत ऐसे अन्य राज्यों को चिह्नित कर रही, जहां संक्रमण का प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे राज्यों के लोगों को बगैर कोविड निगेटिव रिपोर्ट के राज्य में आने की अनुमति नहीं दी जाए। इसके लिए जल्द ही गाइडलाइन जारी की जाए। साथ ही उन्होंने आरटी पीसीआर टेस्ट और वैक्सीनेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। 



उत्तराखंड: पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी की कोविड एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट आई पॉजिटिव


इस दौरान उन्होंने कुंभ में विशेष अभियान चलाकर आरटी पीसीआर टेस्ट कराने के लिए भी कहा। उन्होंने हरिद्वार कुंभ और आगामी चारधाम यात्रा में स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिए। वीडियो कांफ्रेंस में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, समेत अन्य अधिकारी भी शामिल रहे। 

अब तक बच्चों के लिए नहीं बना है कोरोना का टीका

देशभर में कोरोना संक्रमण का प्रसार तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना का टीका बनने के बाद लोग इससे बचने के नियमों का पालन समुचित ढंग से नहीं कर रहे हैं। देहरादून समेत उत्तराखंड के अन्य जिलों में कोरोना के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ऐसे में डॉक्टर कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की सलाह दे रहे हैं।


राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वरिष्ठ छाती एवं टीबी रोग विशेषज्ञ (पल्मोनोलॉजिस्ट) व कोविड-19 के नोडल अफसर डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि इस समय यह ध्यान देना जरूरी है कि अब तक लगभग साढ़े पांच करोड़ लोगों को ही कोरोना का टीका लगा है।


देशभर में लगभग सवा करोड़ लोगों को कोरोना हो चुका है। ऐसे में अगर जनसंख्या के लिहाज से देखें तो पूरे देश में अभी भी लगभग 100 करोड़ लोग कोरोना को लेकर उच्च जोखिम की स्थिति में है। दूसरा अहम पहलू यह है कि अभी 18 साल तक की उम्र के बच्चों पर कोरोना के टीके का ट्रायल नहीं हुआ है। 


ऐसे में नवजात से लेकर 18 साल तक की उम्र के बच्चे उच्च जोखिम में हैं। पहले भी कोरोना जब तेजी से बढ़ रहा था तो बड़ी संख्या में बच्चे भी इससे संक्रमित हुए थे। बताया कि उचित सामाजिक दूरी बनाने, सैनिटाइजर या साबुन से हाथ साफ रखने और मास्क के सही इस्तेमाल से कोरोना संक्रमण को रोका जा सकता है।

Source

Previous Post Next Post