लोसर मेलाः रिंगाली देवी की पूजा कर घरों पर चढ़ाए नए झंडे

Ankit Mamgain
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उत्तरकाशी के वीरपुर डुंडा में लोसर पर्व पर पारंपरिक परिधान में तांदी नृत्य करती महिलाएं
उत्तरकाशी के वीरपुर डुंडा में लोसर पर्व पर पारंपरिक परिधान में तांदी नृत्य करती महिलाएं

 वीरपुर डुंडा गांव में चार दिन से चल रहा लोसर पर्व रविवार को घरों पर मंत्र लिखे नए झंडे चढ़ाने और रिंगाली देवी मंदिर में विशेष पूजा अर्चना के साथ संपन्न हुआ। रिंगाली देवी मंदिर परिसर में पारंपरिक परिधानों में सजी जाड भोटिया समुदाय की महिलाओं का नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। गंगोत्री के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने मौके पर पहुंचकर समुदाय के लोगों को लोसर की बधाई दी।


बौद्ध पंचांग के अनुसार नए साल के स्वागत में जाड भोटिया समुदाय द्वारा लोसर पर्व मनाया जाता है। बीते बृहस्पतिवार की रात को चीड़ के छिलकों से बनी मशालें जलाकर समुदाय के लोगों ने दीपावली मनाई। शनिवार को समुदाय के लोगों ने आटे की अनूठी होली खेलकर सुख समृद्धि की कामना की। रविवार को परंपरा के अनुसार लोगों ने अपने घरों पर लगे पुराने झंडे उतारकर मंत्र लिखे नए झंडे चढ़ाए। लोसर के समापन पर जाड समुदाय के लोग रिंगाली देवी के मंदिर में एकत्र हुए। यहां रिंगाली देवी की पूजा-अर्चना करने के साथ ही हरियाली और प्रसाद चढ़ाया गया।


पारंपरिक परिधानों में सजी समुदाय की महिलाओं ने रिंगाली देवी की डोली के साथ रांसो एवं तांदी नृत्य कर अपनी समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गंगोत्री के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने कहा कि पारंपरिक मेले एवं अनुष्ठान हमारी समृद्ध संस्कृति की पहचान हैं। इनका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है।

इस मौके पर पूर्व प्रधान नारायण सिंह नेगी, जसपाल रावत, ईश्वर सिंह, जगत सिंह, गोपाल सिंह, जीएस नेगी, गुमान सिंह, इंद्र सिंह नेगी, भगवान सिंह राणा, प्रधान सुनीता नेगी, भागीरथी देवी, लक्ष्मी चंद, चतर सिंह आदि मौजूद रहे।

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