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SDC Foundation Report: उत्तराखंड में मानसून के कारण नए लैंडस्लाइड जोन की पहचान

उत्तराखंड में 500 नए भूस्खलन जोन की पहचान, मानसून के प्रभाव से निर्माण कार्य और जर्जर स्कूल भवनों पर प्रभाव
उत्तराखंड में 500 नए भूस्खलन जोन की पहचान, मानसून के प्रभाव से निर्माण कार्य और जर्जर स्कूल भवनों पर प्रभाव (Photo/ANI)

SDC Foundation Report: एसडीसी फाउंडेशन ने जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान उत्तराखंड में मानसून से हुए नुकसान पर आधारित अपनी “उत्तराखंड डिजास्टर एंड एक्सीडेंट एनालिसिस इनिशिएटिव” (उदय) रिपोर्ट जारी की है। 

रिपोर्ट में बताया गया है कि हर साल राज्य में नए भूस्खलन जोन यानी लैंडस्लाइड जोन उभर रहे हैं। इस साल मानसून के दौरान कुल 500 नए भूस्खलन जोन चिन्हित किए गए।

हिमालय दिवस के मौके पर वाडिया हिमालयन इंस्टीट्यूट में रिपोर्ट पेश करते हुए बताया गया कि इनमें से अधिकांश नए भूस्खलन जोन निर्माण कार्यों की वजह से विकसित हुए हैं। 

रिपोर्ट में कहा गया कि इस मानसून सीजन में जर्जर स्कूल भवनों से भी एक बड़ी चुनौती सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 11,465 यानी 60% सरकारी स्कूल भवन असुरक्षित हैं, जो छात्रों और शिक्षकों के लिए खतरा बने हुए हैं।

एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल ने बताया कि रिपोर्ट में बढ़ते भूस्खलन, केदारनाथ में हुई तबाही, सड़कों के बंद होने, और नई चुनौतियों का जिक्र किया गया है। 

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता में सुधार की आवश्यकता है। यह रिपोर्ट राज्य के राजनीतिज्ञों, नीति निर्माताओं और अन्य हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

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