
रुद्रनाथ कपाट बंद: आज गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी डोली, शीतकालीन दर्शन कहां होंगे
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित पंचकेदारों में से एक चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए हैं। शनिवार 17 अक्टूबर 2026 की शाम को मंदिर के कपाट बंद होने के बाद भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली की शीतकालीन यात्रा शुरू हो चुकी है। 19 अक्टूबर 2026 यानी आज डोली गोपेश्वर स्थित अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर पहुंचने वाली है। अब अगले करीब छह महीनों तक श्रद्धालु भगवान रुद्रनाथ के दर्शन गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर में ही कर सकेंगे।
रुद्रनाथ मंदिर समुद्र तल से लगभग 2286 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और यह पंचकेदार यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। हर साल सर्दियों की शुरुआत के साथ जब हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू होती है, तो ऊंचाई वाले इन मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और देवताओं की डोली को निचले क्षेत्रों में स्थित शीतकालीन गद्दीस्थलों पर ले जाया जाता है। इस बार भी यही परंपरा निभाई गई।
शनिवार शाम करीब 5 बजे से कपाट बंद करने की धार्मिक प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो रात करीब 8 बजे पूरी हुई। पुजारी हरीश भट्ट और अन्य पुजारियों ने विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, श्रृंगार और रुद्री पाठ किया। भगवान रुद्रनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को अन्नकूट, घी और श्वेत कंबल से समाधि दी गई। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे और मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा।
कपाट बंद होने के बाद भगवान की डोली रविवार 18 अक्टूबर को देवलधार स्थित ज्वाला माता मंदिर में रात्रि प्रवास के लिए पहुंची। 19 अक्टूबर को यह डोली गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी, जहां शीतकाल के दौरान नियमित पूजा-अर्चना होती रहेगी। गोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर शहर में स्थित है और यहां पहुंचने के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है, जिससे सर्दियों में भी श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकते हैं।
उत्तराखंड में चारधाम और पंचकेदार यात्रा श्रद्धालुओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। रुद्रनाथ की यह यात्रा उन श्रद्धालुओं के लिए खास मायने रखती है जो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण नहीं पहुंच पाते। प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से डोली यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कपाट बंद होने के बाद भी आस्था का सिलसिला जारी रहता है। गोपेश्वर में भगवान के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सर्दियों में भी अच्छी रहती है। कई परिवार हर साल इस मौके पर गोपेश्वर पहुंचकर मनोकामनाएं मांगते हैं।
रुद्रनाथ मंदिर तक पहुंचने का मार्ग कठिन है। यह ट्रेक रूट पर स्थित है और मानसून तथा सर्दियों में चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसलिए कपाट बंद करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस बार भी मौसम विभाग के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए समय से कपाट बंद किए गए।
अगर आप रुद्रनाथ के दर्शन करना चाहते हैं तो अब गोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर जा सकते हैं। गोपेश्वर चमोली जिले का मुख्यालय है और यहां बस तथा टैक्सी से आसानी से पहुंचा जा सकता है। मंदिर में सुबह और शाम आरती का समय निर्धारित है।
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