सोमवार, अक्टूबर 26, 2026
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उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाई: माणा पास से औली तक होगी 100 मील की ‘हिमालयन अल्ट्रा रन

उत्तराखंड को विश्व स्तर पर साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मई 2027 के प्रथम सप्ताह में माणा पास से औली तक 100 माइल्स (लगभग 160 किलोमीटर) हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन आयोजित करने का आधिकारिक ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने यह घोषणा पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्र गुंजी में आयोजित ‘आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0’ के दौरान की। इस दौरान उन्होंने 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर श्रेणी के विजेताओं को सम्मानित किया और देश भर से आए धावकों का उत्साहवर्धन किया।


समुद्र तल से 5,600 मीटर की ऊंचाई पर होगी शुरुआत

प्रस्तावित 100 मील की अल्ट्रा रन दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण उच्च-हिमालयी मैराथन स्पर्धाओं में से एक मानी जा रही है:

  • शुरुआती बिंदु: भारत-चीन सीमा के समीप स्थित ऐतिहासिक माणा पास (लगभग 5,600 मीटर/18,300 फीट की ऊंचाई) से दौड़ शुरू होगी।
  • मुख्य मार्ग: माणा पास से शुरू होकर यह मैराथन बदरीनाथ और जोशीमठ से होते हुए प्रसिद्ध शीतकालीन क्रीड़ा केंद्र औली में समाप्त होगी।
  • भौगोलिक चुनौती: अत्यधिक ठंड, कम ऑक्सीजन और कठिन चढ़ाई वाले रास्तों में यह रेस देश-विदेश के धावकों के धैर्य, शारीरिक क्षमता और संकल्प की परीक्षा लेगी।

सीमांत गांवों और ‘वाइब्रेंट विलेज’ का विकास

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सीमावर्ती गांवों को “अंतिम गांव” के बजाय “देश का प्रथम गांव” मानकर विकसित किया जा रहा है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन उपलब्ध होंगे और पलायन रोकने में मदद मिलेगी।

“कम ऑक्सीजन और कठिन परिस्थितियों में दौड़ना केवल एक खेल स्पर्धा नहीं, बल्कि अटूट इच्छाशक्ति का प्रदर्शन है। इस इवेंट से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड के साहसिक पर्यटन को एक नई पहचान मिलेगी।”

— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड


स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

इस आयोजन से राज्य के सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचने का अनुमान है:

  1. आतिथ्य एवं पर्यटन: देश-विदेश से आने वाले एथलीटों और पर्यटकों के कारण स्थानीय होमस्टे, होटल और परिवहन व्यवसायियों की आय बढ़ेगी।
  2. सांस्कृतिक पहचान: स्थानीय रं समुदाय और सीमांत क्षेत्रों की हस्तकला व खानपान को वैश्विक मंच मिलेगा।
  3. स्थानीय गाइड व स्वरोजगार: ट्रैकिंग, गाइड सेवा और साहसिक गतिविधियों से जुड़े स्थानीय युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे।

सुरक्षा बलों और एजेंसियों का रहा विशेष सहयोग

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों और अधिकारियों के योगदान की सराहना की। विषम परिस्थितियों में सुरक्षा और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर राज्यमंत्री अशोक सिंह नबियाल, पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पर्यटन विभाग द्वारा जल्द ही इस अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा रन का विस्तृत रूट मैप, सुरक्षा दिशा-निर्देश और पंजीकरण प्रक्रिया जारी की जाएगी।

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