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उत्तरकाशी में मटमैला पानी से परेशान लोग |
उत्तरकाशी: मॉनसून ने अभी दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन उत्तरकाशी में नलों से गंदा और मटमैला पानी आने लगा है। पिछले एक हफ्ते से इंद्रावती नदी से पेयजल आपूर्ति वाले सभी क्षेत्रों के लोग इस समस्या से परेशान हैं। जोशियाड़ा, लदाड़ी, कोटी और कन्सेन जैसे क्षेत्रों में इंद्रावती नदी से ही पेयजल पहुंचाया जाता है। बीते कुछ दिनों से उत्तरकाशी में हुई बारिश के कारण नदी और गूलों के पानी में मिट्टी घुलने लगी है।
पेयजल साफ न होने से जहां एक ओर लोगों ने गहरा असंतोष व्यक्त किया है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का यह भी कहना है कि जल संस्थान की इंद्रावती नदी पर बनी पेयजल व्यवस्था बेहद लचर है। इस पर न तो कोई फिल्टर लगाया गया है और न ही कोई स्टोरेज यूनिट। पानी को सीधे घरों में भेजा जा रहा है।
जोशियाड़ा सेरा क्षेत्र में रहने वाले रमेश लाल ने बताया,
बीते 25 जून से हमारे घरों में मटमैला पानी आ रहा है। हमने सोचा कि बारिश की वजह से ऐसा हो रहा होगा, लेकिन इतने दिनों में भी यह पानी साफ क्यों नहीं हो रहा है?
जर्जर व्यवस्था और जनता की पीड़ा
गौरतलब है कि पहाड़ में विकास के नाम पर किए जा रहे अत्यधिक प्रयोगों से जहां एक ओर पहाड़ों पर संकट मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर यहां के नागरिकों को पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं हो पा रहा है।
देखना होगा कि जनता की यह पीड़ा कब सत्ताधारी लोगों और अधिकारियों तक पहुंचती है, जिससे आम जनमानस को भी स्वच्छ पेयजल मिल सके।
डॉ. आशुतोष भंडारी जोशियाड़ा, उत्तरकाशी
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