RISHIKESH-BADRINATH HIGHWAY: चौथे दिन भी फंसे यात्री,बरसात-भूस्खलन के बाद लगा लंबा जाम

ऋषिकेश-बद्रीनाथ राजमार्ग पर श्रीनगर से दस किमी दूर चमधार ने चौथे दिन भी यात्रियों को रूलाया। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों सड़कों पर जा

RISHIKESH-BADRINATH HIGHWAY: चौथे दिन भी फंसे यात्री,बरसात-भूस्खलन के बाद लगा लंबा जाम
ऋषिकेश-बद्रीनाथ राजमार्ग
RISHIKESH-BADRINATH HIGHWAY: ऋषिकेश-बद्रीनाथ राजमार्ग पर श्रीनगर से दस किमी दूर चमधार ने चौथे दिन भी यात्रियों को रूलाया। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों सड़कों पर जाम में फंसना पड़ा। चमधार में बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर आना नहीं थमने के कारण एनएच विभाग के भी राजमार्ग खोलने में पसीनें छूट रहे है। वहीं स्वीत भटोली मार्ग पर दलदल होने के कारण कई वाहन फंसने से श्रीनगर पुलिस को जाम खुलवाने में चार दिन से काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। राजमार्ग बंद दूसरी ओर स्वीत- मंदोली चकवाली-भटोली मार्ग की बुघाणी-देवलगढ़ मार्ग के बुरे हाल है।


सड़क पर संकरी और डामरीकरण न होने के चलते बरसात होने से कीचड़नुमा हो रखी है। जिससे राजमार्ग बंद होने से उक्त मार्ग से जाने वाले अधिकांश वाहन फंसते रहे। जिस कारण उक्त मार्ग पर घंटो जाम लगने से लोग सड़कों पर फंसे रहे। रुद्रप्रयाग से देहरादून जा रहे विजय रावत और श्रीनगर आ रहे संतोष पुरी ने बताया कि रुद्रप्रयाग से श्रीनगर तक पहुंचने के लिए पांच से छह घंटे लगे। स्वीत-भटोली मार्ग की स्थिति काफी तंग है। जिससे जाम में लोग फंसे रहे। उक्त मार्ग भाजपा शासन में डामरीकरण नहीं हो सका।


देवलगढ़ क्षेत्र सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास सामिति के अध्यक्ष कुंजिका प्रसाद उनियाल ने स्थानीय विधायक डॉ. धन सिंह रावत एवं लोनिवि को पत्र भेजकर उक्त मार्ग के चौड़ीकरण करने तथा भटोली नामक स्थान पर फिलहाल पत्थर बिछाने,दीवार लगाने व पुस्ता लगाने की मांग की। कहा कि भटोली में विगत दो साल से मुख्य सड़क का पुश्ता टूटा होने से मिट्टी सड़क पर आने से कीचड़ हो रहा है। जिससे इन दिनों राजमार्ग बंद होने से कई वाहन उक्त स्थान पर फंसने से घंटो जाम लग रहा है।


उनियाल ने कहा कि कई बार लोनिवि को पत्र भेजा गया, किंतु उक्त मार्ग की सुध नहीं ली जा रही है। बता दे कि उक्त मार्ग पूर्व विधायक गणेश गोदियाल के समय बना था। किंतु भाजपा सरकार आने के बाद उक्त मार्ग पर डामरीकरण नहीं हुआ और यहां तक कि टूटे पुश्ते भी दो साल से लोनिवि ठीक नहीं कर पाया है। जिस कारण चमधार में राजमार्ग बंद होने पर एक मात्र विकल्प बने उक्त मार्ग पर भी यात्रियों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। एसएसआई रणवीर चन्द्र रमोला ने बताया कि चमधार में लगातार मलबा आने के कारण राजमार्ग चौथे दिन भी पूरे दिन बंद रहा।


देर सांय तक खोले जाने की बात एनएच विभाग द्वारा की जा रही है। इधर लोनिवि श्रीनगर के सहायक अभियंता मुकेश सकलानी ने बताया कि भटोली में एक किमी डामरीकरण की अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। पुश्ते जहां टूटे है, वहां एसडीआरएफ को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। एनएच बंद होने से उक्त मार्ग पर कोई बाधा ना आये इसके लिए दो जेसीबी उक्त स्थानों पर भेजी गई है।


17 घंटे बाधित रहा बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग

ऋषिकेश। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग तोताघाटी और कौडियाला में मलबा आने से करीब 17 घंटे तक बाधित रहा। आवागमन को सुचारू करने के लिये श्रीनगर जाने वाले वाहनों को नरेन्द्रनगर-खाडी-देवप्रयाग होकर भेजा गया। लेकिन तपोवन से ब्रह्मपुरी के बीच भारी वाहन फंस गये। जबकि हल्के वाहन नीर वाटरफॉल-नरेन्द्रनगर होकर भेजे गये। बारिश के चलते बीती शनिवार मध्यरात्रि करीब 12 बजे के आसपास बदरीनाथ हाईवे पर तोताघाटी,तीनधार, कौडियाला के बीच भूस्खलन के चलते मार्ग बंद हो गया।


तीनधार और कौडियाला से रविवार दोपहर 1 बजे तक मलबा हटा दिया गया। लेकिन तोताघाटी में पहाड़ से लगातार बड़े पत्थर गिरने से मलबा हटाने में दिक्कत आई। रविवार शाम करीब पांच बजे तक मार्ग पर हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। लेकिन भारी वाहनों का संचालन देर रात तक शुरू करने की बात एनएच के अधिकारी कर रहे है। एनएच के सहायक अभियंता एसके द्विवेदी बताते है कि तोताघाटी,तीनधार और कौडियाला के पास भूस्खलन हो गया। हाईवे पर लगातार मलबा गिरने से परेशानी आई।


तीनधार और कौडियाला से मलबा दोपहर एक बजे तक हटा दिया गया। लेकिन तोताघाटी में बड़े पत्थर गिरने के कारण शाम पांच बजे तक छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। बताया कि देर रात तक मार्ग को भारी वाहनों के लिये भी खोल दिया जायेगा। उधर, तपोवन चौकी इंचार्ज अनिल भट्ट ने बताया कि मार्ग बाधित होने से तपोवन से ब्रह्मपुरी के बीच भारी वाहन फंस गये। जबकि छोटे वाहन नीर वॉटरफॉल-क्यार्की-नरेन्द्रनगर होकर श्रीनगर भेजे गये। बताया कि शाम पांच बजे बाद छोटे वाहनों का संचालन देवप्रयाग होकर शुरू हो पाया।


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