देहरादून में कोरोना: आसानी से नहीं मिल रही ब्रांडेड दवाएं, विशेषज्ञ बोले- जेनेरिक दवाओं का भी कर सकते हैं इस्तेमाल

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

 देहरादून में कोरोना के मरीजों को वर्तमान में दी जाने वाली कुछ खास कंपनियों की दवाएं बाजार में आसानी से नहीं मिल रही हैं। इन दवाओं की आपूर्ति तो लगातार हो रही है, लेकिन मांग बढ़ने के चलते ये दवाएं हर दुकान पर उपलब्ध नहीं हैं।



कोरोना संक्रमण के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए डॉक्टर मल्टी विटामिन, बुखार की दवा पेरासिटामोल, खांसी की दवा, एजिथ्रोमाइसिन, विटामिन डी और पेट के कीड़े मारने की दवा आइवेरमेक्टीन जैसी दवाएं मरीजों को दे रहे हैं। कुछ खास कंपनियों के ब्रांड नाम से बिकने वाली इन दवाओं की उपलब्धता कम होने से लोग परेशान हैं।



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विशेषज्ञों का मानना है कि इन परिस्थितियों में लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। समान गुणवत्ता और इसी साल्ट की दवाएं अन्य कंपनियां भी बनाती हैं। साथ ही इनके जेनेरिक वर्जन भी उतने ही फायदेमंद होते हैं। 


देहरादून होलसेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष नंदा ने बताया कि कोरोना में आजकल ज्यादातर इस्तेमाल की जा रही दवाओं की कोई कमी नहीं है। हां इतना जरूर है कि कुछ खास कंपनियों की दवाओं के नाम लोगों को याद हो गए हैं।


उनका कहना है कि अन्य कंपनियों और जेनेरिक दवाएं भी बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं। वहीं, टैगोर विला चकराता रोड स्थित प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के संचालक हरीश नारंग ने बताया कि जेनेरिक दवाएं आसानी से उपलब्ध हैं। ये दवाएं ब्रांडेड दवाओं की अपेक्षा बहुत सस्ती होती हैं। 

जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं की कीमत

दवा                               मात्रा         जेनरिक  ब्रांडेड

मल्टीविटामिन               10 गोली         30       100

जिंक                             10 गोली        40        --

पेरासिटामोल 650 एमजी  15 गोली        12        80

एजिथ्रोमायसिन               तीन गोली        45       80

विटामिन डी                   एक शैसे          9         30

(नोट: यह कीमतें लगभग में हैं। अलग-अलग कंपनियों की कीमत में कुछ अंतर हो सकता है)


इन दवाइयों को बहुत कंपनियां अलग-अलग नाम से बनाती हैं। जैसे मल्टी विटामिन और जिंक टैबलेट अलग-अलग नामों से  उपलब्ध हैं। इसी तरह अन्य दवाएं भी बाजार में उपलब्ध हैं। सरकारी और निजी जेनेरिक स्टोर से भी इन दवाओं को लिया जा सकता है। इनमें गुणवत्ता को लेकर कोई बहुत ज्यादा फर्क नहीं होता है। यह आम मरीजों को भी सस्ती दर पर उपलब्ध हो जाती हैं।

- डॉ. केसी पंत, चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ फिजीशियन दून मेडिकल अस्पताल

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