Follow us to stay updated. Google News! Telegram!

Uttarakhand Budget 2021: सीएम त्रिवेंद्र की बड़ी घोषणा, ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को बनाया नया मंडल 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में सभी को चौंकाते हुए गैरसैंण को मंडल बनाने की घोषणा कर दी। गढ़वाल, कुमाऊं के बाद राज्य क

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत

 मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में सभी को चौंकाते हुए गैरसैंण को मंडल बनाने की घोषणा कर दी। गढ़वाल, कुमाऊं के बाद राज्य के इस तीसरे मंडल में चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले शामिल किए गए हैं। गैरसैंण मंडल मुख्यालय होगा। विधानसभा में बजट भाषण समाप्त करने के बाद मुख्यमंत्री ने गैरसैंण को मंडल बनाने का एलान किया।



उन्होंने कहा कि गैरसैंण में कमिश्नर और डीआईजी स्तर का अधिकारी बैठेगा। गैरसैंण के सुनियोजित नगरीय विकास के लिए एक महीने में टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बता दें कि मुख्यमंत्री ने पिछले साल आज ही के दिन भराड़ीसैंण (गैरसैंण) को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा की थी।



Uttarakhand Budget : तीन लाख महिलाओं के सिर से हटेगा घास का बोझ, घसियारी योजना के लिए 25 करोड़ का प्रावधान


सबकी निगाहें उन पर लगी थी कि वे गैरसैंण के लिए इस साल क्या घोषणा करते हैं। लोग यही सोच रहे थे कि वह गैरसैंण को जिला बनाने की घोषणा कर सकते हैं। लेकिन उन्होंने गैरसैंण को कमिश्नरी बनाने की घोषणा कर सबको हैरान कर दिया। सदन में जब उन्होंने यह घोषणा की तो सत्ता पक्ष ने मेजे थपथपा कर इसका जोरदार समर्थन किया।


भराड़ीसैंण में बनेगी फल पट्टी, फल व खाद्य संस्करण यूनिट लगेगी

मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में 20 हजार फलदार पौधे रोपकर यहां फल पट्टी विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि फलदार पौधरोपण करने के साथ ही यहां फल एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी।


नई नगर पंचायतों के लिए एक-एक करोड़

मुख्यमंत्री ने हाल ही में बनाई गई नई नगर पंचायतों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की घोषणा की। इस धनराशि से नवगठित सात नगर पंचायतों में अवस्थापना सुविधाएं जुटाई जाएंगी।

लोगों को मिलेगी सहूलियत, होगा विकास 

चार जिलों का नया मंडल बन जाने से ग्रीष्मकालीन राजधानी के लोगों को कई मायनों में सहूलियत होगी। इसके साथ ही इससे अब गैरसैंण के जिला बनने की संभावना और बढ़ गई है। प्रदेश में मंडलायुक्त का सीधा सरोकार प्रशासनिक व्यवस्था के साथ ही राजस्व से भी है। राजस्व के तहत ही कुछ हद तक न्याय व्यवस्था भी है। नया मंडल बन जाने से अब कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के चार जिलों के लोगों को देहरादून और नैनीताल का चक्कर काटने से निजात मिलेगी।


दूसरी ओर, ग्रीष्मकालीन राजधानी क्षेत्र के विकास को अब प्रदेश सरकार सीधे रूप से आयुक्त के जरिये देख पाएगी। मंडलायुक्त की मौजूदगी से सरकार को इस क्षेत्र के विकास के लिए काम करने में भी आसानी होगी। इसके साथ ही गैरसैंण के अपग्रेड होने की राह भी बन गई है। प्रदेश में जिस समय रुद्रप्रयाग को जिला बनाया गया था, उस समय रुद्रप्रयाग मात्र नगर पंचायत थी। बाद में सरकार को रुद्रप्रयाग को भी नगर पालिका बनाना पड़ा था। इसी तरह गैरसैंण इस समय मात्र एक तहसील है।


यह हो जाएगा तीनों मंडलों का स्वरूप

गढ़वाल मंडल- देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी  

गैरसैंण मंडल- रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा और बागेश्वर

कुमाऊं मंडल- ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत

Source

Post a Comment

Cookie Consent
हम ट्रैफ़िक का विश्लेषण करने, आपकी प्राथमिकताओं को याद रखने और आपके अनुभव को अनुकूलित करने के लिए इस साइट पर कुकीज़ प्रदान करते हैं।