Corona in Uttarakhand: 45 नए कोरोना संक्रमित मिले, एक भी मरीज की नहीं हुई मौत

 

कोरोना जांच - फोटो : PTI
कोरोना जांच - फोटो : PTI

उत्तराखंड में आठ जिलों में 45 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसकी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 97134 हो गई है। चार दिनों से प्रदेश में किसी भी कोरोना संक्रमित मरीज की मौत नहीं हुई है।



स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को 10650 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, 45 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। हरिद्वार जिले में 19 संक्रमित मिले हैं। जबकि देहरादून में 15, ऊधमसिंह नगर में पांच, नैनीताल जिले में दो, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और अल्मोड़ा में एक-एक संक्रमित मामला मिला है।



अब तक प्रदेश में 1692 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, 31 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है। इन्हेें मिला कर 93575 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।


वर्तमान में 463 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। पिथौरागढ़ व बागेश्वर जिले में एक भी सक्रिय मरीज नहीं हैं। प्रदेश की रिकवरी दर 96.34 प्रतिशत और सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण की दर 3.99 प्रतिशत दर्ज की गई है।


14 हजार फीट की ऊंचाई पर आईटीबीपी जवानों को लगा कोरोना टीका 

भारत-चीन सीमा की उच्च हिमालयी चार चेक पोस्टों पर  देश की सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी और एसएसबी के जवानों को बुधवार को कोरोना का टीका लगाया गया।  स्वास्थ्य विभाग के प्रतिरक्षण सहायक मोहित पंत के नेतृत्व में 14 हजार फीट पर स्थित कुटी में आईटीबीपी जवानों का टीकाकरण किया गया।


इसके अलावा 11 हजार फीट पर स्थित कालापानी, 10 हजार फीट पर गुंजी और गर्ब्यांग में आईटीबीपी और एसएसबी के 250 जवानों को कोरोना का टीका लगाया गयाटीकाकरण में डॉ. आशुतोष तिवारी, स्टाफ नर्स मोहन खड़ायत, भगत सिंह नेगी ने सहयोग किया। आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट डॉ. गोगोई ने टीम का आभार

जताया। 

कोविड काल में 811 मीट्रिक टन बायोमेडिकल कचरा एकत्रित

कोविड महामारी से प्रदेश में 811 मीट्रिक टन बायो मेडिकल कचरा एकत्रित किया गया। इस कचरे का निस्तारण केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बायो मेडिकल वेस्ट को लेकर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया। 


बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्न काल में विधायक प्रीतम सिंह पंवार के सवाल के जवाब में वन मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने सदन को अवगत कराया कि मार्च 2020 से फरवरी 2021 तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कोविड अस्पतालों, कोविड केयर सेंटरों से 811 मीट्रिक टन बायोमेडिकल कचरा एकत्रित किया गया।


शहरी क्षेत्रों में नगर निकाय और ग्रामीण क्षेत्रों में नगर पंचायतों के माध्यम से घरेलू स्तर पर उपयोग होने वाले मास्क, दस्तानों को 72 घंटे के भीतर एकत्रित किया गया। अस्पतालों और घरेलू उपयोग के बायोमेडिकल वेस्ट को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया गया।


हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जिले में बायोमेडिकल वेस्ट संयंत्र स्थापित हैं। भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में क्वांरटीन सेंटरों से बायो मेडिकल एकत्रित करने की व्यवस्था और खर्च की गई धनराशि का ब्योरा मांगा। इस पर वन मंत्री ने जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही।

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