Type Here to Get Search Results !

upstox-refer-earn

अलका आत्महत्या मामले में ग्रामीणों में भारी आक्रोश

शक्तिफार्म चौकी में पुलिस से वार्ता करते पूर्व विधायक नारायण पाल व पुलिस के अधिकारी।
शक्तिफार्म चौकी में पुलिस से वार्ता करते पूर्व विधायक नारायण पाल व पुलिस के अधिकारी। 

गोविंदनगर की अलका बैरागी आत्महत्या मामले का खुलासा न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। अलका के मायके भुड़िया कॉलोनी, थाना बहेड़ी जिला बरेली से दो ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सोमवार को कई लोग गोविंदनगर पहुंचे और सभा की। इसके बाद शक्तिफार्म पुलिस चौकी का घेराव किया। मौके पर मौजूद सीओ उमेद कुमार और जांच अधिकारी चंद्र मोहन सिंह के आश्वासन के बाद लोगों ने धरना समाप्त किया। इस दौरान कई बार लोगों की पुलिस से तीखी बहस भी हुई।


सोमवार को अलका के मायके भुड़िया कॉलोनी से सैकड़ों पुरुष और महिलाएं शक्तिफार्म पहुंच गए। सितारगंज मार्ग पर अरविंदनगर और निर्मलनगर में दो बार पुलिस ने भीड़ को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद ये लोग रास्ते में ही बैठ गए। पुलिस के जाने के बाद ये लोग अपने-अपने वाहनों से सीधे गोविंदनगर पहुंचे। जहां स्थानीय लोगों के साथ सभा कर पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। इसके बाद शाम करीब पांच बजे गोविंदनगर से सैकड़ों लोग जुलूस की शक्ल में शक्तिफार्म पुलिस चौकी पहुंचे। वहां पूर्व विधायक नारायण पाल की अगुवाई में पुलिस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।


वहां मौजूद पुलिस बल ने भीड़ को चौकी के भीतर जाने से रोक दिया। कुछ देर बाद नारायण पाल की अगुवाई में 20 लोगों के शिष्टमंडल ने चौकी के भीतर सीओ उमेद कुमार, जांच अधिकारी चंद्रमोहन सिंह और कोतवाल सलाहउद्दीन से वार्ता की। सीओ ने मृतका के भाई प्रशांत कुमार और मां आलो हालदार को भरोसा दिलाया कि मामले में दोषियों को नहीं बख्शा नहीं जाएगा। पाल ने आरोप लगाया कि पुलिस मुकदमे में आरोपी बनाए गए तीनों ससुरालियों कार्रवाई करने से बच रही है। अगर मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 25 फरवरी को दोबारा चौकी का घेराव किया जाएगा। वहां रमेश राय, सुब्रत विश्वास, तापस मंडल, नरेश हालदार, सोनू हालदार, सरस्वती, संगीता सरकार, सावित्री आदि थे।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए

शक्तिफार्म। रविवार को विधायक सौरभ बहुगुणा के साथ गोविंदनगर पहुंचे कोतवाल सलाहउद्दीन और चौकी प्रभारी अशोक कांडपाल को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि अलका की मौत के बाद कोई भी महिला पुलिसकर्मी और न ही कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा था। ये लोग बिना पंचनामा भरे ही शव को घटनास्थल से ले गए थे। (संवाद)

वार्ता के दौरान भीड़ करती रही नारेबाजी

शक्तिफार्म। पूर्व विधायक पाल की अगुवाई में पुलिस चौकी के भीतर सीओ और जांच अधिकारियों से वार्ता चल रही थी। इस दौरान सड़क पर मौजूद भीड़ पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करती रही। इससे करीब 45 मिनट तक आवाजाही प्रभावित रही। भीड़ को देखते हुए सितारगंज, किच्छा थाने की पुलिस सहित पीएसी की महिला जवानों को तैनात किया गया था। (संवाद)

शक्तिफार्म के गोविंदनगर गांव में सभा में मौजूद ग्रामीण
शक्तिफार्म के गोविंदनगर गांव में सभा में मौजूद ग्रामीण 


Source

 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

उत्तराखंड की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें