एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड के सात शहरों में सस्ती दरों पर मिलेंगे किराए के मकान

अब रोजगार के लिए घर छोड़कर दूसरे शहरों में प्रवास कर रहे लोगों के लिए सरकार सस्ते किराए के मकान लेकर आ रही है। केंद्र की अर्फोडेबल रेंटल हाउसिंग योजना

किराए पर मकान - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
किराए पर मकान - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

 अब रोजगार के लिए घर छोड़कर दूसरे शहरों में प्रवास कर रहे लोगों के लिए सरकार सस्ते किराए के मकान लेकर आ रही है। केंद्र की अर्फोडेबल रेंटल हाउसिंग योजना उत्तराखंड में लागू कर दी गई है। शहरी विकास निदेशालय ने इस योजना के तहत उत्तराखंड के सात शहरों का चयन किया है, जिनमें पहले चरण में 613 आवास किराए पर दिए जाएंगे।



दरअसल, केंद्र ने पिछले साल इस योजना का ऐलान किया था। इसके तहत दो योजनाएं हैं। पहली तो यह है कि किसी सरकारी भूमि पर कोई प्राइवेट बिल्डर इमारत तैयार करे और उसे किराए पर चलाए। दूसरी योजना यह है कि जिन शहरों में निगम या पालिका के भवन खाली पड़े हुए हैं, उन्हें तैयार करने के बाद किराए के लिए उपलब्ध कराए जाएं।



शहरी विकास निदेशालय ने दूसरी योजना पर अमल शुरू कर दिया है। इसके तहत देहरादून, हरिद्वार, जसपुर, लालकुआं, लंढौरा, मसूरी और नैनीताल का चयन किया गया है। यहां के निकाय ही किराए पर अंतिम फैसला लेंगे, लेकिन यह किराया सरकार की दरों से अधिक नहीं होगा।


किस शहर में कितने आवास

देहरादून -   70

हरिद्वार -     17

जसपुर -      84

लालकुआं -  100

लंढौरा -       240

मसूरी -        32

नैनीताल -     70

कैसे मिलेंगे आवास

इस योजना के तहत संबंधित निकाय टेंडर जारी करेंगे। टेंडर लेने वाला व्यक्ति इन सरकारी भवनों का रखरखाव करेगा और किराए के लिए उपलब्ध कराएगा। नगर निगम देहरादून ने हाल ही में इसके लिए टेंडर जारी भी कर दिया है। शहरी विकास निदेेेशालय के मुताबिक, किराए पर फैसला संबंधित निगम या पालिका की बोर्ड बैठक में लिया जाना है। किराए और इस योजना को लेकर निदेशालय ने बैठक भी बुलाई है।


छात्रों को एक से तीन हजार में कमरा

अर्फोडेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम का लाभ छात्र भी ले सकेंगे। केंद्र सरकार द्वारा फंड की जाने वाली इस किफायती रेंटल हाउसिंग स्कीम के तहत एक से तीन हजार रुपये प्रति माह किराए पर विभिन्न श्रेणी में घर मुहैया होगा। इस योजना का लाभ इंडस्ट्रियल और कंस्ट्रक्शन वर्कर्स, मार्केट एसोसिएशन के साथ काम करने वाले प्रवासियों, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थाओं, हॉस्पीटैलिटी सेक्टर, लंबे समय के लिए पर्यटन पर आए लोगों और छात्रों को भी दिया जाएगा।

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