
फिर से जाहिर हुई अखिलेश यादव की नफ़रत, कहा “यूपी में उत्तराखण्डी सबसे बड़े घुसपैठिये “
Uttarakhand Hindi News Bureau, Dehradun: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव द्वारा दिए गए उस विवादित बयान ने एक नया राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि “उत्तर प्रदेश में सबसे बड़े घुसपैठिये उत्तराखंड के लोग हैं”। इस बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे पावन देवभूमि और वहां के निवासियों के स्वाभिमान का सीधा अपमान बताया है। सीएम धामी ने इस टिप्पणी पर अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
ऐतिहासिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो उत्तराखंड का उत्तर प्रदेश और पूरे देश के विकास में अतुलनीय योगदान रहा है। पंडित गोविंद वल्लभ पंत, हेमवती नंदन बहुगुणा और नारायण दत्त तिवारी जैसे दिग्गज राजनेताओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की प्रशासनिक व औद्योगिक नींव रखी।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश की कृषि की रीढ़ मानी जाने वाली गंगा, यमुना, रामगंगा और शारदा जैसी पवित्र नदियाँ उत्तराखंड के हिमालयी ग्लेशियरों से ही निकलती हैं। देश की सीमाओं की रक्षा में कुमाऊं और गढ़वाल राइफल्स के वीर सैनिकों का समर्पण सर्वोपरि रहा है। इसके बावजूद, इस तरह के राजनीतिक तंज राज्य के ऐतिहासिक योगदान की अनदेखी करते हैं।
ग़ौरतलब है कि पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान अखिलेश यादव के पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में आंदोलनकारियों पर अमानवीय अत्याचार हुए थे। खटीमा, मसूरी और मुजफ्फरनगर के चर्चित रामपुर तिराहा कांड (2 अक्टूबर 1994) जैसी घटनाओं में यूपी पुलिस की बर्बरता और दमनकारी नीतियों के कारण कई निरपराध आंदोलनकारियों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव ने यह बयान संभवतः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधने के उद्देश्य से दिया था, जिनका मूल निवास उत्तराखंड में है।
हालाँकि, एक जिम्मेदार सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते सार्वभौमिक रूप से पूरे प्रदेश के लोगों को लक्षित करना राजनीतिक मर्यादा और नैतिकता के विपरीत माना जा रहा है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी का तीखा हमला:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि उत्तराखंड न केवल देवभूमि है, बल्कि वीरभूमि भी है, जिसने देश को अनगिनत संत, सैनिक और राष्ट्रसेवक दिए हैं।
धामी ने इतिहास का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव को याद दिलाया कि “उनके पिता के मुख्यमंत्री रहते हुए उत्तराखंड के अधिकारों के लिए लड़ रहे निहत्थे आंदोलनकारियों पर गोलियाँ बरसाई गई थीं, और आज उनके सुपुत्र राज्य के लोगों को ‘घुसपैठिया’ बता रहे हैं”।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री धामी ने विपक्षी दल कांग्रेस से भी सवाल किया है कि क्या वह अपने सहयोगी दल के इस अपमानजनक बयान का समर्थन करती है?
