भारी बारिश और लैंडस्लाइड से उत्तराखंड में हाहाकार: 136 सड़कें बंद, येलो अलर्ट जारी
देहरादून|उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता जारी है। पिछले कुछ दिनों से हुई भारी बारिश ने राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं को बढ़ा दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राज्यभर में कुल 136 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित जिले चमोली (25 सड़कें), पौड़ी गढ़वाल (22 सड़कें) और पिथौरागढ़ (18 सड़कें) हैं। नैनीताल में 16, अल्मोड़ा और टिहरी में 11-11, देहरादून में 10, उत्तरकाशी में 8, रुद्रप्रयाग में 7, बागेश्वर में 6 और हरिद्वार में 1 सड़क बंद बताई गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने 6 से 9 सितंबर तक येलो अलर्ट जारी किया है। इसमें हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना जताई गई है। कुछ जिलों में बहुत भारी बारिश का भी खतरा बना हुआ है। विशेष रूप से देहरादून, नैनीताल, चमोली, बागेश्वर, पौड़ी, हरिद्वार और उत्तरकाशी में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है। अलकनंदा, मंदाकिनी और गंगा सहित कई नदियां चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई हैं, हालांकि ज्यादातर जगह खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। राज्य आपात संचालन केंद्र (SEOC) लगातार निगरानी कर रहा है।
प्रशासन जेसीबी मशीनों से सड़कें खोलने का काम तेज कर चुका है। कई जगह राष्ट्रीय राजमार्ग खुले हैं, लेकिन राज्य मार्ग और ग्रामीण सड़कें प्रभावित हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
इस आपदा का असर पर्यटन, स्थानीय व्यापार और स्कूलों पर भी पड़ा है। कुछ जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए गए थे। बारिश से जुड़े नुकसान की भरपाई और राहत कार्यों के लिए प्रशासन सक्रिय है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक अनिश्चितता बनी रह सकती है, इसलिए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

