कोविड काल में तीरथ सरकार ने दी पर्यटन उद्योग को 29 करोड़ रुपये की संजीवनी


 उत्तराखंड में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत सरकार के 100 दिन पूरे हो चुके हैं। इन बीते 100 दिनों में तीरथ सरकार ने उत्तराखंड पर्यटन को नई दिशा देने के लिए ठोस कदम उठाए। कोविड महामारी से बुरी तरह प्रभावित पर्यटन उद्योग की परेशानियों को समझते हुए तीरथ सरकार पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसायियों के लिए 29 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया। प्रदेश सरकार की तरफ से दी जाने वाली यह सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होगी।


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत निर्देशों के बाद पर्यटन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में इस विशेष सहायता पैकेज में लगभग 50 हजार से ज़्यादा पर्यटन व्यवसायों, कर्मियों और संचालकों को इसका लाभ देने का लक्ष्य रखा है। तीरथ सरकार के इस निर्णय के बाद पर्यटन व्यवसाय से जुड़े इन सभी लोगों को 2500 रुपए प्रति माह की दर से दो माह के लिए 5 हजार प्रति कार्मिक को एक मुश्त आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से वितरित की जाएगी यह धनराशि लगभग 25 करोड़ होगी।


इसके अलावा इस पैकेज के तहत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत होम स्टे योजना में 01 अप्रैल से 30 सितम्बर तक ऋण लेने पर ब्याज की प्रतिपूर्ति की जाएगी। इसके लिए कुल दो करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। जबकि सभी पंजीकृत 301 राफ्टिंग, एयरोस्पोर्टस सेवा प्रदाताओं को यूटीडीबी एवं वन विभाग द्वारा ली जाने वाली लाइसेंस नवीनीकरण छूट प्रदान किये जाने का प्रस्ताव है, जिस पर 65 लाख रूपये का व्यय भार होगा। 


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े पंजीकृत 631 राफ्टिंग गाइडों भी विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें 10 हजार रुपये प्रति गाइड देने का निर्णय लिया है। इसमें 63.10 लाख रुपये की धनराशि का बजट रखा गया है। 352 टूर ऑपरेटरों को दस हजार रुपये प्रति फर्म डीबीटी के माध्यम से आर्थिक लाभ पहुंचाने का फैसला लिया है। इसके लिए 35.20 लाख रुपये का बजट तैयार किया गया है। जबकि पर्यटन क्षेत्र में पंजीकृत 303 एडवेंचर टूर ऑपरेटरों को 10 हजार रुएये प्रति फर्म देने का फैसला किया गया है। ऐसे व्यवसायियों के लिए 30 लाख रुपये का बजट बनाया गया है। इतना ही नहीं तीरथ सरकार ने पर्यटन विभाग में पंजीकरण और लाइसेंस नवीकरण शुल्क में छूट प्रदान करने का भी बड़ा निर्णय लिया है को कि वर्तमान में 1000 रूपये प्रति आवेदन है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में छूट पर लगभग 6 लाख का व्ययभार होगा।

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