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पहाड़ों में आफत बनी बारिश, नदियां उफनाईं, 20 से अधिक मार्ग बंद


 कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में गुरुवार को हुई भारी बारिश का असर शुक्रवार को दिखा। सीमांत जनपद पिथौरागढ, चम्पावत और अल्मोड़ा के 20 से अधिक मार्ग बंद होने से हजारों लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहने से दोनों जिलों के सैकड़ों वाहन करीब तीन घंटे तक सड़क पर फंसे रहे। 


 पिथौरागढ़ जिले में पिछले 24घंटे में गंगोलीहाट में 51 व बेरीनाग में 48एमएम बारिश हुई है। बारिश का पानी सड़कों में बहने से लोगों को खासी परेशानी हुई। बारिश के बाद पिथौरागढ़-तवाघाट सड़क गुडौली, लखनपुर के पास भारी मलबा आने से बंद हो गया। थल-मुनस्यारी मार्ग भी हरडिया के पास मलबा आने से बंद रहा। उधर, चम्पावत जिले की आठ ग्रामीण सड़कें दूसरे दिन भी बंद रही। इससे यहां के ग्रामीण खरीददारी के लिए बाजार नहीं पहुंच सके। जबकि, अल्मोड़ा जिले में गुरुवार देर रात हुई तेज बारिश के बाद शुक्रवार को दूसरे दिन भी अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में दो स्थानों पर मलबा आ गया। जिससे एनएच पर तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। 


पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश के बाद भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली घटियाबड़-लिपूलेख, गुंजी कुटी-जौलीड़कांग सड़कों के साथ ही आठ सड़कें बंद है। जाख पुरान मेलकू, रसियापाटा, नाचनी-भैसकोट, चंदोली डूठी, सानदेव नवाली सड़कें भी बंद रहने से लोगों को दिक्कत हो रही है। अल्मोड़ा जिले में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के कारण जिले की धौन-द्यूरी, कोयाटी-डुंगरालेटी, डुंगराबोरा-मटियानी, गल्लागांव-देवलमाफी, धूनाघाट-बरमतोड़ा, पम्दा-नगन्योली, धौन-सल्ली और अमोड़ी-छतकोट सड़क बंद हो गई थी। इन गांवों के लोग सड़क बंद होने से शुक्रवार को बाजार नहीं पहुंच सके। 

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