Uttarakhand Politics: कांग्रेस के सामने विधायक दल का नेता चुनने की चुनौती

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 उत्तराखंड में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता डा. इंदिरा हृदयेश के निधन के बाद अब कांग्रेस विधायक दल के नेता का पद रिक्त हो गया है। यह पद उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा संभालेंगे या अन्य कोई, इसे लेकर निकट भविष्य में फैसला लिया जाएगा।


कांग्रेस की पिछली दो सरकारों में वरिष्ठता के लिहाज से दूसरे स्थान पर रहीं डा हृदयेश को पार्टी ने राज्य विधायक दल के नेता की जिम्मेदारी सौंपी थी। चार साल तक इस जिम्मेदारी को निभाने के दौरान डा हृदयेश पार्टी विधायक दल के भीतर भी संतुलन साधने में सफल रहीं थीं। उनके निधन से प्रदेश में पार्टी के भीतर अभी शोक का वातावरण है, ऐसे में रिक्त हुए नेता विधायक दल के पद को लेकर फैसला कुछ दिनों बाद ही हो सकेगा। अलबत्ता, कांग्रेस विधायक दल का नेता कौन होगा और नेता प्रतिपक्ष का जिम्मा कौन संभालेगा, इसे लेकर पार्टी में अंदरखाने चर्चा भी शुरू हो गई है।


बतौर उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा विधानसभा के भीतर पार्टी का मजबूती से प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। पार्टी उन्हें जिम्मेदारी सौंपती है या किसी अन्य वरिष्ठ को, इसे लेकर कयास भी लगाए जा रहे हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व वरिष्ठ विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल को भी इस पद के दावेदारों में शामिल बताया जाता है। पार्टी सूत्रों की मानें तो हफ्तेभर बाद पार्टी इस संबंध में फैसला ले सकती है।


पात्रो को मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल का जिम्मा


वन विभाग में मुख्य वन संरक्षक स्तर के दो अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। शासन ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए। वन पंचायत एवं सामुदायिक वानिकी का दायित्व देख रहे मुख्य वन संरक्षक पीके पात्रो को मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल के पद पर तैनाती दी गई है।


मुख्य वन संरक्षक पात्रो को निदेशक हल्द्वानी जू एवं सफारी, देहरादून जू्, लच्छीवाला नेचर पार्क, कोटद्वार रेसक्यू सेंटर एवं पाखरो का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इसके अलावा वन संरक्षक गढ़वाल की जिम्मेदारी देख रहे मुख्य वन संरक्षक सुशांत कुमार पटनायक का तबादला प्रशासनिक आधार पर मुख्य वन संरक्षक वन पंचायत एवं सामुदायिक वानिकी के पद पर किया गया है।

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