उत्तराखंड में कम केस वाले जिलों में खोले जाएंगे कॉलेज, टीकाकरण के बाद छात्रों को आने की अनुमति होगी


 कोविड की लहर मंद पड़ने के साथ ही उत्तराखंड में सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों को फिर से खोलने की तैयारी में जुट गई है। इसकी शुरुआत सौ से कम एक्टिव केस वाले जिलों से हो सकती है। सरकार की प्राथमिकता किसी भी तरह फाइनल सैमेस्टर और फाइनल ईयर वाले छात्र- छात्राओं की परीक्षा कराने की है। 


कोविड के कारण लगातार दूसरे साल विश्वविद्यालय परीक्षाओं पर संकट खड़ा हो गया है। बीते शैक्षिक सत्र में तो कॉलेजों के पास छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट करने के लिए आंतरिक मूल्यांकन के अंक थे, लेकिन मौजूदा सत्र में ज्यादातर समय कॉलेज बंद रहने से यह व्यवस्था भी नहीं बन पा रही है। इस कारण कोविड का खतरा कम होने पर उच्च शिक्षा विभाग कॉलेज, विश्वविद्यालय फिर से खोलने की तैयारी कर रहा है।


विभाग की नजर 18 प्लस वाले युवाओं के वैक्सीनेशन पर भी लगी हुई है, इस वर्ग में टीकाकरण अभियान आगे बढ़ते ही विश्वविद्यालय कैम्पस में छात्रों की वापसी हो सकती है। जरूरत के अनुसार कॉलेजों में वैक्सीन सेंटर भी बनाए जा सकते हैं। हालांकि छात्र सिर्फ परीक्षाओं के लिए ही कैम्पस आ सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग किसी भी तरह जुलाई अगस्त तक फाइनल ईयर और फाइनल सैमेस्टर की परीक्षा सम्पन्न कराने की तैयारी कर रहा है। ताकि आगामी सत्र सितंबर तक प्रारंभ हो सके। कॉलेज खोलने का निर्णय सरकारी अशासकीय और निजी संस्थानों के लिए एक समान होगा। 


उच्चशिक्षा राज्य मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने कहा कि जुलाई में कॉलेजों में छात्रों की फिर वापसी हो सकती है। जिन जिलों में कोविड के मामले कम है, वहां से इसकी शुरुआत की जाएगी। शेष परीक्षा प्रणाली और छात्रों को  प्रमोट करने के लिए यूजीसी की अंतिम गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। जल्द ही इस पर निर्णय हो जाएगा। 

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