उत्तराखंड में ताउते का असर : पहाड़ों पर बादल फटने के आसार, मैदानी क्षेत्रों में चलेंगी तेज हवाएं, रेड अलर्ट जारी

चक्रवात ताउते का असर अब देश के मैदानी और पर्वतीय राज्यों में भी देखने को मिल रहा है।

 

मौसम विज्ञान केंद्र ने रेड अलर्ट जारी किया है

चक्रवात ताउते का असर अब देश के मैदानी और पर्वतीय राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक अगले 24 घंटे में देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार जैसे जिलों में भी बारिश का अनुमान है।



मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार को रेड अलर्ट जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कुछ स्थानों में तेज गर्जना के साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की पूरी संभावना है। हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंहनगर जैसे मैदानी क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। 



दूसरी ओर अगले 24 घंटे तक देहरादून समेत राज्य के ज्यादातर जिलों में भारी बारिश की संभावनाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। देहरादून जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने संबंधित विभागाध्यक्षों को तैयारियां पूरी करने की हिदायत दी है। साथ ही अधिकारियों को आपदा से जुड़ी हर जानकारी तत्काल जिला आपदा केंद्र को मुहैया कराने को कहा है। 

मानसून सीजन से पहले पूरे किए जाएं निर्माण कार्य

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा है कि मानसून सीजन शुरू होने से पहले सभी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने शहरी विकास विभाग के तहत मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक ली।


बैठक में सीएम तीरथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण हों। जन सुविधाओं के दृष्टिगत महत्वपूर्ण प्रकृति के कार्यों को पहले प्राथमिकता दी जाए।


मुख्यमंत्री तीरथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए। ताकि मानसून अवधि के बाद कार्यों में तेजी आ सके। उन्होंने कहा कि कार्यों में तेजी के लिए जिलाधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किए जाए। यदि कार्यों में कोई परेशानी हो रही है, तो शीघ्रता से इस बारे में अवगत कराया जाए।


कार्यों में तेजी लाने के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उच्चाधिकारी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें। समय -समय पर मुख्यमंत्री स्वयं कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।


बैठक में जानकारी दी गई कि शहरी विकास विभाग में 195 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 125 पूरी हो चुकी हैं। जबकि शेष 70 पर कार्य प्रगति पर है। इन घोषणाओं में से 26 घोषणाएं अप्रैल 2021 की हैं। आवास विभाग में 96 घोषणाओं में से 36 पूरी हो चुकी हैं, शेष पर कार्य प्रगति पर है।


प्रदेश में 37 स्थानों पर पार्किंग बननी है, जिसमें से आठ स्वीकृत हो चुकी हैं। 16 ऐसी घोषणाएं हैं, जिनके मास्टर प्लान बनने हैं। मास्टर प्लान की प्रक्रिया गतिमान है। बैठक में सचिव शैलेश बगोली, प्रभारी सचिव सुरेंद्र नारायण पांडेय, विनोद कुमार सुमन के साथ ही शहरी विकास एवं आवास के अधिकारी मौजूद रहे।

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