उत्तराखंड में कोरोना : यूपी सहित पड़ोसी राज्यों के लिए उत्तराखंड रोडवेज बसों का संचालन बंद

उत्तराखंड रोडवेज की बस सेवा बंद
उत्तराखंड रोडवेज की बस सेवा बंद 

 उत्तर प्रदेश सहित दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा आदि राज्यों के लिए उत्तराखंड रोडवेज की बस सेवा बंद हो गई है। इसके पीछे मुख्य वजह यूपी में बाहरी बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगना है। अब परिवहन निगम की बसें केवल राज्य के भीतर और चंडीगढ़ के लिए ही चलाई जा रही हैं।


दरअसल, कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण की वजह से उत्तर प्रदेश सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले सार्वजनिक परिवहन पर रोक लगा दी है। इस वजह से यूपी में उत्तराखंड रोडवेज की बसों की आवाजाही भी प्रतिबंधित हो गई है।


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चूंकि दिल्ली से लेकर राजस्थान, हरियाणा आदि राज्यों के लिए उत्तराखंड रोडवेज की बसें यूपी से होकर गुजरती हैं, इसलिए उनकी आवाजाही भी उत्तराखंड परिवहन निगम ने बंद कर दी है।

केवल चंडीगढ़ के लिए ही बस सेवा

अब केवल चंडीगढ़ के लिए ही बस सेवा चल रही है। परिवहन निगम के महाप्रबंधक तकनीकी एवं संचालन दीपक जैन ने बताया कि यूपी में बसों की आवाजाही बंद होने की वजह से बाकी राज्यों की बस सेवा भी फिलहाल बंद कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर राज्यों के लिए बसें यूपी से ही होकर ही गुजरती हैं। चंडीगढ़ के लिए सवारियों की संख्या के आधार पर बस सेवा संचालित की जा रही है। इसके अलावा राज्य के भीतर बस सेवा संचालित की जा रही है।


परिवहन निगम का आर्थिक नुकसान फिर चरम पर


पिछले साल के लॉकडाउन के बाद से अभी परिवहन निगम घाटे से उबर भी नहीं पाया था कि इस बार के कोरोना कर्फ्यू ने एक बार फिर निगम को तगड़ा झटका दिया है। पूर्व में यात्री संख्या 50 प्रतिशत तक सीमित करने के बाद परिवहन निगम को करीब 40 फीसदी का नुकसान हुआ था।


अब विभिन्न राज्यों के लिए बस सेवा बंद होने के बाद निगम की आय बिल्कुल जमीनी स्तर पर आ गई है। लगातार घाटे की वजह से पांच महीने से परिवहन निगम कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। अब निगम अपने कर्मचारियों को वेतन व अन्य खर्चों के लिए सरकार का मुंह ताक रहा है।


डिपो की बसों के हिसाब से लगेगी ड्यूटी


लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रांतीय महामंत्री अशोक चौधारी ने महाप्रबंधक कार्मिक आरपी भारती से वार्ता की। वार्ता के बाद तय हुआ कि जिस डिपो की जितनी बसें संचालित होंगी, उसी हिसाब से ड्राइवर-कंडक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके साथ ही 25 प्रतिशत अतिरिक्त चालकों-परिचालकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। अन्य को उसी हिसाब से उपस्थित माना जाएगा। 

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