उत्तराखंड में कोरोना: 2756 नए संक्रमित मिले, 81 मरीजों की मौत, मृतकों की संख्या छह हजार पार

उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 81 मरीजों की मौत हुई है। जबकि 2756 संक्रमित मामले मिले हैं। मरने वाले मरीजों का आंकड़ा छह हजार पार हो गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

 उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 81 मरीजों की मौत हुई है। जबकि 2756 संक्रमित मामले मिले हैं। मरने वाले मरीजों का आंकड़ा छह हजार पार हो गया है। वहीं, 6674 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। अब तक संक्रमितों की संख्या 318346 हो गई है। 



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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मंगलवार को 34312 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। देहरादून जिले में 524, ऊधमसिंह नगर में 452, टिहरी में 264, अल्मोड़ा में 234, चमोली में 226, नैनीताल में  209, हरिद्वार में 200, रुद्रप्रयाग में 161, पिथौरागढ़ में 124, उत्तरकाशी में 109, पौड़ी में 109, चंपावत में 74, बागेश्वर जिले में 70 संक्रमित मिले हैं। 


प्रदेश में 24 घंटे में विभिन्न अस्पतालों में 81 मरीजों ने उपचार के दौरान दम तोड़ा है। जबकि अल्मोड़ा व देहरादून जिले में अलग-अलग अस्पतालों ने पूर्व में हुई 16 करोना मरीजों की डेथ ऑडिट रिपोर्ट दी है। इन्हें मिलाकर अब तक प्रदेश में 6020 मरीजों की मौत हो चुकी है।


वहीं, 6674 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। प्रदेश में 251328 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। संक्रमितों की तुलना में ज्यादा मरीज ठीक होने से रिकवरी दर लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में 45568 सक्रिय मरीजों का उपचार चल रहा है। प्रदेश की रिकवरी दर 82.09 प्रतिशत और संक्रमण दर 6.94 प्रतिशत दर्ज की गई। 

सक्रिय मामले और संक्रमण दर में लगातार कमी

प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार घटने के साथ ही सक्रिय मामले और संक्रमण दर लगातार कम हो रही है। बीते चार सप्ताह से संक्रमित मामलों में कमी दर्ज की गई है। वहीं, 15 दिनों में 34 हजार से अधिक सक्रिय मामले कम हुए हैं। कोरोना के वर्तमान आंकड़े से सरकार व स्वास्थ्य विभाग को थोड़ी राहत मिली है। 


स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी कोरोना रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में रोजाना 30 हजार से अधिक कोविड सैंपल जांच की जा रही हैं। यह जांच दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। बीते चार सप्ताह से संक्रमण दर में कमी दर्ज की गई। 18 से 24 मई के बीच संक्रमण दर 9.3 प्रतिशत दर्ज की गई।


15 मई को प्रदेश में सक्रिय मामले 80 हजार थे। जो घट कर 25 मई को 45568 हो गए हैं। इससे अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज का दबाव थोड़ा कम हुआ है। वहीं, मई  में 19 से 45 आयु वर्ग के लोग सबसे ज्यादा संक्रमित हुए हैं, लेकिन अब इस आयु वर्ग में संक्रमितों की संख्या कम हो रही है।


सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी का कहना है कि प्रदेेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम हो रही है। संक्रमण में काफी हद तक रोक लग रही है। संक्रमित मामले कम होने के साथ ही रिकवरी दर बढ़ रही है। साथ ही सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर भी कम हो रही है। रिकवरी दर 81 प्रतिशत से अधिक हो गई है। पहले की तुलना में कोरोना संक्रमण की रोकथाम में पहले से बेहतर स्थिति है।

पिथौरागढ़ में कोरोना से ढाई साल की बच्ची की मौत

पिथौरागढ़ जिले में पहली बार कोरोना से ढाई साल की बच्ची की मौत हो गई। मंगलवार को बच्ची का सीएचसी बेड़ीनाग में प्राथमिक उपचार किया गया था। इसके बाद उसे जिला अस्पताल लाया जा रहा था लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।  


सीएचसी बेड़ीनाग के डॉ. सिद्धार्थ पाटनी ने बताया कि मंगलवार सुबह 7:30 बजे बच्ची को उसके माता-पिता अस्पताल लेकर आए थे। बच्ची की सांसें तेज चल रहीं थीं। इसके बाद उसकी रैपिड एंटीजन जांच की गई। इसमें वह पॉजिटिव मिली। प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।


उसके माता-पिता ने कोविड जांच कराने से मना कर दिया। बच्ची गंगोलीहाट क्षेत्र की निवासी है। वहीं सीएमओ डॉ. एचसी पंत ने बताया कि मंगलवार को जिला अस्पताल में कोरोना से तीन लोगों की मौत हुई हैं।


इसमें ढाई साल की एक बच्ची भी है। बच्ची को बेड़ीनाग में प्राथमिक उपचार के बाद 108 से जिला अस्पताल लाया जा रहा था लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष दो बच्चे संक्रमित हुए थे लेकिन वे स्वस्थ हो गए थे।

कोरोना मरीजों के लिए काउंसिलिंग केंद्र शुरू

कोरोना संक्रमित होने पर होम आइसोलेट हुए मरीजों की काउंसिलिंग करने के लिए काउंसिलिंग केंद्र शुरू हो गया है। इसमें तैनात डॉक्टर काउंसलर के रूप में मरीजों की प्रतिदिन काउंसिलिंग करेंगे।  


मंगलवार को ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में शुरू हुए काउसंलर केंद्र का उद्घाटन एडीएम वित्त और राजस्व केके मिश्रा ने किया। उन्होंने कहा कि केंद्र के शुरू होने से डॉक्टरों की टीम प्रतिदिन होम आइसोलेट मरीजों की काउंसिलिंग करेगी। इससे मरीजों को स्वस्थ होने में काफी सहयोग मिलेगा। 


एसीएमओ डॉ. एचडी शाक्या ने बताया कि कोरोना संक्रमित होम आईसोलेट होने पर घबराहट महसूस करते हैं, जिससे उन्हें स्वस्थ होने में परेशानी आती है। सेंटर के जरिए काउंसिलिंग होने से मरीजों का बीमारी से मजबूती के साथ लड़ने से मनोबल बढ़ेगा।


उन्होंने बताया कि सेंटर में फिलहाल 27 डॉक्टरों की टीम को काउंसलर के रूप में नियुक्त किया गया है, जो दस दिन तक 50-50 मरीजों की काउंसिलिंग करेंगे। काउंसिलिंग सेंटर का टेलीफोन नंबर 73518087598 और 9758140983 है। यदि किसी मरीज को परेशानी होती है तो वह फोन कर सकता है। 

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