उत्तराखंड: प्रदेश में ब्लैक फंगस के 15 नए संक्रमित मिले, एक मरीज की मौत

ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर)
ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर)

 उत्तराखंड में बुधवार को ब्लैक फंगस के 15 नए मरीज मिले हैं, जबकि एक मरीज की मौत हुई है। देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में कुल 148 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है।


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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, प्रदेश में ब्लैक फंगस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। देहरादून जिले में अब तक सबसे अधिक 141 मरीजों का उपचार चल रहा है। जबकि नैनीताल में छह और ऊधमसिंह नगर जिले में एक मरीज मिला है। देहरादून जिले में 10 मरीज, नैनीताल व ऊधमसिंह नगर में एक-एक मरीज की मौत हुई है। 


अब तक की स्थिति 

जिला                मरीज            मौत

देहरादून            141              10

नैनीताल              06               01

ऊधमसिंह नगर   01                01 

कुल                  148              12

ब्लैक फंगस के लिए एक सप्ताह में मिल जाएंगे पांच सौ इंजेक्शन

सांसद अजय भट्ट ने कहा कि नैनीताल जिले को ब्लैक फंगस के इलाज के लिए एक सप्ताह के भीतर 500 इंजेक्शन मिल जाएंगे। भवाली सैनिटोरियम को कोविड केयर सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने दो सौ करोड़ की धनराशि जारी कर दी है। 


सांसद ने बुधवार को ब्लैक फंगस के संक्रमण की रोकथाम और इलाज के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि फंगस के संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसके लिए अभी से वार्ड, आईसीयू बेड आदि की व्यवस्था की जाए। सांसद निधि से 300 ऑक्सीजन सिलिंडर स्वीकृत किए गए हैं। ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन प्लांट के लिए भी सांसद निधि से एक करोड़ छह लाख की धनराशि दी जा चुकी है। डीएम धीराज गर्ब्याल से रामनगर ऑक्सीजन प्लांट और कोविड अस्पताल को जल्द शुरू करने को कहा। ऑक्सीजन प्लांट और कोविड अस्पताल से रामनगर, काशीपुर, धूमाकोट, भिकियासैंण और अन्य स्थान के लोगों को लाभ मिलेगा। 

जसपुर में मां-बेटे में मिला ब्लैक फंगस, हल्द्वानी रेफर

जसपुर में मां-बेटे में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) हल्द्वानी रेफर किया गया है। स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. आशु सिंघल ने बताया कि ग्राम कलियावाला निवासी 42 वर्षीय व्यक्ति और उसकी 60 वर्षीय मां एक माह पूर्व कोरोना पॉजिटिव हुए थे।


दोनों को होम आइसोलेशन में रखा गया था। इलाज के बाद मां-बेटे ठीक हो गए। एक सप्ताह पहले से दोनों की आंखों में जलन होने के साथ ही नाक में तेज दर्द होने लगा। दोनों आई ड्रॉप डालकर आंखों को पानी से धोकर घर पर ही इलाज करते रहे। आंखों में सूजन आने पर परिजनों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डॉ. आशु ने बताया कि दोनों में ब्लैक फंगस की पुष्टि होने पर उन्हें एसटीएच हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है।


वहीं, गदरपुर के 48 वर्षीय व्यक्ति में भी ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। रुद्रपुर कोविड अस्पताल से मरीज को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है। रुद्रपुर कोविड अस्पताल के नोडल ऑफिसर डॉ. गौरव अग्रवाल ने बताया कि मरीज के परिजनों ने उसे बुधवार सुबह ही भर्ती कराया था।


ब्लैक फंगस की पुष्टि के लिए मरीज को सुशीला तिवारी अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। मरीज को सुशीला तिवारी अस्पताल से भी ऋषिकेश एम्स रेफर किए जाने की संभावना है। मरीज को मधुमेह की शिकायत है। साथ ही उन्होंने स्टेरॉयड भी लिए थे। 

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