उत्तराखंड: सरकार ने पंचायतों के लिए जारी किए 143 करोड़ रुपये, पढ़ें किस जिले को मिली कितनी धनराशि

उत्तराखंड सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायतों को दूसरी किश्त के रूप में 143 करोड़ 50 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है।

रुपये (प्रतीकात्मक)
रुपये (प्रतीकात्मक)

उत्तराखंड सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायतों को दूसरी किश्त के रूप में 143 करोड़ 50 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। सचिव वित्त अमित नेगी के मुताबिक इस बजट में ग्राम पंचायतों को 107 करोड़ 62 लाख, क्षेत्र पंचायतों को 14 करोड़ 35 लाख और जिला पंचायतों को 21 करोड़ 52 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। 



पंचायतों के लिए अवमुक्त की गई धनराशि को 27 जनवरी से 10 दिन के भीतर संबंधित अपर मुख्य अधिकारी या जिला पंचायतराज अधिकारियों को हस्तांतरित किया जाएगा। अगर ऐसा न हुआ तो बाजार ऋण या राज्य विकास ऋण द्वारा निर्धारित ब्याज दरों पर प्रतिदिन ब्याज का भुगतान पंचायतीराज विभाग की ओर से जिला पंचायतों को किया जाएगा। अवमुक्त धनराशि से जो काम होंगे, उनका उपयोग प्रमाण पत्र 31 मार्च तक वित्त विभाग को उपलब्ध कराना होगा। 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत अभी तक त्रिस्तरीय पंचायतों को कुल 430 करोड़ 50 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। अब सशर्त अनुदान की 143 करोड़ 50 लाख की धनराशि केंद्र सरकार से आनी बाकी है। 



किस जिले को कितनी धनराशि

अल्मोड़ा - 15 करोड़ 55 लाख

बागेश्वर - छह करोड़ 85 लाख

चमोली - 10 करोड़ 78 लाख

चंपावत - पांच करोड़ 19 लाख

देहरादून - 10 करोड़ आठ लाख

हरिद्वार - 17 करोड़ 96 लाख

नैनीताल - आठ करोड़ 61 लाख

पौड़ी - 15 करोड़ 70 लाख

पिथौरागढ़ -11 करोड़ 84 लाख

रुद्रप्रयाग - पांच करोड़ 65 लाख

टिहरी - 13 करोड़ 66 लाख

ऊधमसिंह नगर - 13 करोड़ 88 लाख

उत्तरकाशी - सात करोड़ 68 लाख

नई नगर पंचायत बनने की उम्मीदों पर विराम 

ढंडेरा, पाड़ली गुर्जर, रामपुर और ईमलीखेड़ा के नगर पंचायत बनने की उम्मीदों पर फिलहाल विराम लगता दिख रहा है। शासन की ओर से इस संबंध में फिलहाल कोई कवायद नहीं होते देख जिला प्रशासन ने पंचायत चुनाव के लिए यहां परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 


त्रिस्तरीय पंचायत का कार्यकाल 31 मार्च को पूरा होने जा रहा है। इसको देखते हुए पिछले साल जिला प्रशासन की ओर से प्रधानों, ग्राम पंचायत सदस्यों, क्षेत्र और जिला पंचायत के क्षेत्रों का निर्धारण करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य सीट के लिए तो परिसीमन कर लिया गया था, लेकिन दस नवंबर को जिला और क्षेत्र पंचायत के अनंतिम प्रकाशन से ठीक दो दिन पहले शासन में ढंडेरा, पाड़ली गुर्जर, रामपुर और ईमलीखेड़ा को नगर पंचायत बनाने को लेकर बैठक हुई।


ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनने की घोषणा से परिसीमन प्रक्रिया भी स्थगित कर दी गई थी, लेकिन तब से लेकर अब तक नई नगर पंचायत बनाने के लिए न तो कोई प्रक्रिया शुरू की गई और न ही कोई शासनादेश जारी किए गए। इससे फिर से शुरू हुई क्षेत्र व जिला पंचायत परिसीमन प्रक्रिया में ढंडेरा, पाड़ली गुर्जर, रामपुर और ईमलीखेड़ा को भी शामिल कर लिया गया है। 


शासन की तरफ से कोई नया आदेेश नहीं मिलने के कारण समस्त ग्राम पंचायतों में परिसीमन कार्य किया जा रहा है। जिसमें ढंडेरा, पाड़ली, रामपुर व ईमलीखेड़ा भी शामिल है, इसलिए इनमें भी पंचायत चुनाव कराने की सभी प्रक्रिया जारी है। यदि नगर पंचायत बनाने के कोई नए आदेेश नहीं मिले तो इनमें समय आने पर पंचायत चुनाव भी करा दिए जाएंगे। 

- आरसी त्रिपाठी, डीपीआरओ, हरिद्वार

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