फर्जी मार्कशीट के जरिए चुनाव लड़ने वाले पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष गिरफ्तार, कोर्ट से नहीं मिली राहत


 वर्ष 2019 में हुए पंचायत चुनाव में हाईस्कूल की फर्जी और कूटरचित मार्कशीट को नामांकन प्रपत्रों के साथ शामिल कर चुनाव लड़ने के आरोपी पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष त्रिनाथ विश्वास को पंतनगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष को बुधवार को न्यायालय के समक्ष पेश कर किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।


वर्ष 2019 में ऊधमसिंह नगर जिले में दिनेशपुर कालीनगर के रहने वाले त्रिनाथ ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। चुनाव जीतने के बाद वह निर्विरोध जिला पंचायत उपाध्यक्ष बने। वहीं दिनेशपुर स्थित कालीनगर के ही रहने वाले किशोर कुमार हाल्दार ने उनके नामांकन के दौरान लगाए गए प्रपत्रों को लेकर सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी। 




इस आरटीआई में मिली सूचना के आधार पर हाल्दार ने शासन को पत्र लिखकर जिला पंचायत सदस्य चुनाव के दौरान त्रिनाथ के नामांकन प्रपत्रों में हाईस्कूल का फर्जी मार्कशीट लगाने की शिकायत की थी। साथ ही इस आधार पर त्रिनाथ की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। इसके बाद शासन के निर्देश पर इस मामले की जांच को तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनी थी और त्रिनाथ के नामांकन प्रपत्रों के साथ लगाया गयी हाईस्कूल की मार्कशीट को फर्जी और कूटरचित पाया था। 


इस मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी त्रिनाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। वहीं जिला प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत सदस्य के तौर पर त्रिनाथ की सदस्यता को निरस्त कर दिया था। इसके बाद आरोपी त्रिनाथ ने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय की शरण ली थी लेकिन गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगी। 



न्यायालय से राहत नहीं मिलने पर मंगलवार देर रात पंतनगर थाना पुलिस ने आरोपी के घर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को त्रिनाथ को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। 


डीएम ने गठित की थी तीन सदस्यीय कमेटी

रुद्रपुर। कांग्रेस नेता किशोर कुमार हाल्दार की शिकायत के बाद डीएम रंजना राजगुरु ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। कमेटी में एडीएम जगदीश चंद्र कांडपाल, डीपीआरओ और डीईओ प्राथमिक शिक्षा शामिल थे। कमेटी की जांच में साफ हो गया था कि आरोपी त्रिनाथ ने दस्तावेजों में हेराफेरी कर हाईस्कूल की कूटरचित अंकतालिका लगाकर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लड़ा था। इस पर वर्ष 2020 में त्रिनाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।


अनुसेवक की मदद से बदली थी दोबारा मार्कशीट

फर्जी हाईस्कूल शैक्षिक प्रमाण पत्रों को लगाने के आरोपी पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष की कुर्सी पर आसीन हुए त्रिनाथ ने आरटीआई के तहत जानकारी मांगे जाने के बाद खुद को बचाने की कोशिश भी की। जांच में सामने आया था कि आरोपी ने पंचस्थानि कार्यालय में कार्यरत एक अनुसेवक के साथ मिलकर पंचायत चुनाव के दौरान नामांकन पत्र में लगाई गयी हाईस्कूल की मार्कशीट की प्रति बदलने की कोशिश की। कमेटी ने पहले ही चुनावी दस्तावेजों की फोटोकॉपी को अपने पास सुरक्षित रखी थी। ऐसे में यह साजिश भी कमेटी ने पकड़ ली थी।

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