उत्तराखंड: एक दिन में ही अपने बयान से पलटे शिक्षा मंत्री कहा- 15 अप्रैल से खुलेंगे प्राथमिक स्कूल 

शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय 

 उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने एक दिन में ही अपना बयान दिया। सोमवार को पिथौरागढ़ में उन्होंने कहा था कि बच्चों की जिंदगी दांव पर लगाकर स्कूल नहीं खोले जाएंगे, लेकिन ठीक एक दिन बाद मंगलवार को बागेश्वर में उन्होंने कहा कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं का संचालन 15 अप्रैल से किया जाएगा। छठी से 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन पहले से ही हो रहा है।



मंत्री ने मंगलवार को बागेश्वर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोविड 19 की समस्या अभी समाप्त नहीं हुई है। गनीमत है कि अभी बच्चों तक यह बीमारी नहीं पहुंची है। इसे देखते हुए भारत सरकार की गाइडलाइन के तहत 15 अप्रैल से प्राथमिक स्कूलों के संचालन का निर्णय लिया गया है। कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यालय पहले से ही संचालित हैं। शतप्रतिशत कोशिश है कि कोरोना की गाइडलाइन की अनदेखी नहीं की जाएगी। उसका पालन करते हुए प्राथमिक स्कूलों का संचालन किया जाएगा। 



उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिक स्कूलों को खोलने के संबंध में भारत सरकार की जो भी गाइडलाइन होगी उसका पालन किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों, विद्यार्थियों और प्रदेश के लोगों से कोविड गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहाकि प्रदेश सरकार ने चार साल के कार्यकाल में हर क्षेत्र में बेहतर काम किया है। लोगों की समस्याएं कम हुईं हैं। सल्ट चुनाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा वहां भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी।


अटल उत्कृष्ट स्कूलों में बच्चों को जल्द मिलेगा प्रवेश 

प्रदेश के अटल उत्कृष्ट स्कूलों में नए शिक्षा सत्र से अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू होगी। वहीं बच्चों को कक्षा 6, 9वीं एवं 11वीं में प्रवेश दिए जाएगा। शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने इस संबंध में समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। 


शिक्षा निदेशक की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा विभाग के तहत प्रत्येक विकासखंड में दो-दो अटल उत्कृष्ट स्कूल खोले जाने का निर्णय लिया गया है। इसी के तहत इन स्कूलों को सीबीएसई से मान्यता दिलाए जाने की कार्यवाही चल रही है। इन स्कूलों में वर्ष 2021-22 से सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा दी जानी है। 

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